पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान अचानक हिंसा और तनाव की स्थिति बन गई। गुरुवार (22 जनवरी 2026) को इटाहार इलाके में एक व्यक्ति की आत्महत्या के बाद यहाँ हालात बेकाबू हो गए। घटना से नाराज लोगों ने SIR सुनवाई केंद्र पर हमला कर दिया, जिसमें कई अधिकारी घायल हुए। इसी बीच मालदा जिले में एक मंदिर की मूर्तियाँ तोड़े जाने की घटना ने भी राज्य में तनाव बढ़ा दिया है।
आत्महत्या के बाद भड़का जनआक्रोश
इटाहार थाना क्षेत्र के मुरालीपुकुर गाँव में 51 वर्षीय चंदू सरकार का शव उनके घर के पास एक पेड़ से लटका मिला। परिवार का आरोप है कि उनकी पत्नी के नाम SIR सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद चंदू मानसिक दबाव में थे। सुनवाई कैंप जाने से पहले ही उन्होंने यह कदम उठा लिया। जैसे ही घटना की जानकारी फैली, इलाके में नाराजगी बढ़ गई और लोग इसे SIR प्रक्रिया से जोड़कर देखने लगे।
सुनवाई केंद्र पर हमला, अधिकारी घायल
गुस्से में बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडों के साथ इटाहार हाई स्कूल पहुँचे, जहाँ उस वक्त SIR की सुनवाई चल रही थी। भीड़ ने वहाँ मौजूद अधिकारियों पर हमला कर दिया। कई अधिकारी किसी तरह जान बचाकर भागे, जबकि कुछ को चोटें आईं।
स्कूल परिसर में तोड़फोड़ की गई, फर्नीचर तोड़े गए और जरुरी दस्तावेज बिखेर दिए गए। घटना के समय स्कूल में पढ़ाई चल रही थी, जिससे छात्र और शिक्षक दहशत में आ गए। पुलिस के पहुँचने के बाद हालात काबू में आए और भारी सुरक्षा के बीच सुनवाई प्रक्रिया बाद में दोबारा शुरू की गई।
सड़क जाम और मालदा में मंदिर तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय इटाहार चौक पर तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक मुशर्रफ हुसैन ने समर्थकों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। दूसरी तरफ मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर थाना क्षेत्र में रात के समय हरिबासर मंदिर की पाँच मूर्तियों को तोड़ दिया गया।
इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

