‘परीक्षा देनी है तो जनेऊ-कलावा उतारो’: बेंगलुरु के कॉलेज में CET एग्जाम से पहले 5 ब्राह्मण छात्रों से उतरवाए धार्मिक चिह्न, FIR के बाद 3 प्रोफेसर सस्पेंड

बेंगलुरु के कृपानिधि कॉलेज में परीक्षा देने आए पाँच ब्राह्मण छात्रों के साथ गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। यहाँ छात्रों को परीक्षा हॉल में घुसने से पहले अपना जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किया गया।

इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ और पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। कॉलेज ने कार्रवाई करते हुए 3 प्रोफेसरों को नौकरी से सस्पेंड कर दिया है। राज्य सरकार ने भी मामले की जाँच शुरू करवा दी है।

जबरदस्ती उतरवाया जनेऊ और कलावा

पीड़ित छात्रों ने बताया कि शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को जब वे CET की परीक्षा देने पहुँचे, तो वहाँ मौजूद टीचरों ने उन्हें जनेऊ उतारने को कहा। एक छात्र के मुताबिक, धातु की चीजें जैसे बाली या चेन उतरवाना नियम है, लेकिन जनेऊ उतारने का कोई नियम नहीं है। छात्रों के पास कोई और रास्ता नहीं था, इसलिए उन्हें अपना जनेऊ उतारना पड़ा। कुछ छात्रों के हाथ में बंधा पवित्र धागा (मौली) भी कटवा दिया गया।

अभिभावकों का गुस्सा और सरकार की सफाई

जब परीक्षा खत्म हुई और छात्रों ने घर पर यह बात बताई, तो उनके माता-पिता भड़क गए। उन्होंने कॉलेज पहुँचकर कड़ा विरोध जताया। पिछले साल भी ऐसी घटनाएँ हुई थीं, जिसके बाद सरकार ने साफ कहा था कि परीक्षा में जनेऊ नहीं उतरवाया जाएगा। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने इस घटना को बहुत गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ताकि आगे से किसी छात्र के साथ ऐसा भेदभाव न हो।

मामले पर शुरू हुई राजनीति

इस घटना को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह हिंदुओं की भावनाओं को चोट पहुँचाने वाली हरकत है।

दूसरी तरफ, सरकार का कहना है कि वे इस मामले की पूरी जाँच कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि जब सरकार ने जनेऊ न उतारने के साफ आदेश दिए थे, तो कॉलेज के स्टाफ ने ऐसा क्यों किया।