बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए सोनवार (16 मार्च 2026) को हुए चुनाव में NDA ने क्लीन स्वीप कर लिया। नीतीश कुमार, नितिन नबीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार सभी NDA उम्मीदवार निर्विरोध या भारी मतों से विजयी घोषित किए गए। मतगणना के दौरान NDA के 176 विधायकों ने वोट डाले जबकि महागठबंधन के केवल 37 विधायक पहुँचे, उसके 4 विधायक वोटिंग से गायब रहे।
बिहार विधानसभा में NDA की मजबूत स्थिति (243 में 202 सीटें) के कारण यह परिणाम पहले से तय था। JD(U) के नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, BJP के नितिन नबीन और शिवेश कुमार तथा RLM के उपेंद्र कुशवाहा ने आसानी से जीत हासिल की। NDA उम्मीदवार शिवेश कुमार ने कहा, “बिहार के सभी नेता एकजुट हैं, NDA के पाँचों उम्मीदवार आराम से जीत रहे हैं।” उपेंद्र कुशवाहा ने भी भरोसा जताया था कि विजय 100% तय थी।
महागठबंधन (RJD, कॉन्ग्रेस ) की हालत खराब रही। RJD के 25 और कॉन्ग्रेस के 6 विधायकों के बावजूद 4 MLAs अनुपस्थित रह गए, जिससे विपक्षी वोट प्रभावहीन हो गए। 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद यह दूसरा बड़ा झटका है। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के 3 और आरजेडी के 1 विधायक ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी।
चुनाव आयोग के अनुसार मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम तक गिनती पूरी हुई। NDA ने बिहार की सभी सीटें जीतकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। नीतीश कुमार ने जीत पर कहा, “यह बिहार की जनता का विश्वास है और NDA सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।”
इस जीत से NDA की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। महागठबंधन के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 के बाद महागठबंधन का संगठन पूरी तरह बिखर गया है।

