ब्राजील में फहराई सनातन की पताका, भगवान गणेश की पहली मूर्ति मंत्रोच्चार के साथ स्थापित: स्थानीय लोगों ने डाली आहुति, भारत के राजदूत भी रहे मौजूद

ब्राजील में हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। लैटिन अमेरिका में पहली बार भगवान गणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह समारोह ब्राजील के पेट्रोपोलिस स्थित विश्व विद्या सांस्कृतिक केंद्र (Centro Cultural Vishva Vidya) में आयोजित किया गया।

इस मौके पर ब्राजील में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया और प्रसिद्ध ब्राजीलियाई वैदिक शिक्षक जोनास मासेटी (Jonas Masetti) भी मौजूद रहे। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि दक्षिण अमेरिका में हिंदू धर्म के बढ़ते प्रभाव और स्वीकार्यता का प्रतीक माना जा रहा है। समारोह में शामिल लोगों ने इसे भारत और ब्राजील के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक अवसर बताया।

पिछले कुछ वर्षों में ब्राजील समेत कई लैटिन अमेरिकी देशों में योग, वेदांत, भगवद गीता और सनातन परंपराओं के प्रति लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भारतीय दर्शन और हिंदू संस्कृति को अपनाने लगे हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

ब्राजीलियाई शिक्षक जोनास मसेटी लंबे समय से वेदांत और हिंदू दर्शन के प्रचार-प्रसार से जुड़े हुए हैं। उनके प्रयासों के कारण ब्राजील में कई लोग भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रभावित हुए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दक्षिण अमेरिका में हिंदू मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों की संख्या और बढ़ सकती है।