दरअसल करणी सेना ने उन्हें बाराबंकी में कदम न रखने को कहा था और धमकी दी थी। इस बीच एक संदिग्ध व्यक्ति मंच की ओर बढ़ता देखा गया, जिसे पुलिस ने रोका और तलाशी ली। तलाशी में उसके कमर पर पिस्टल छिपा हुआ मिला। उसने खुद को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बताया।
ये लोग आज भी चमड़ा-चप्पल, आरक्षण, गोबर और लड़कियों जैसे मुद्दों से आगे सोच ही नहीं पा रहे हैं।
— Voice Of Brahmins (@VoiceOfBrahmins) March 15, 2026
यह आरक्षित सीट से चुना हुआ सांसद है फिर भी यह इतना घटिया बयान दे रहा है। भारत सरकार ने इसे Y+ सुरक्षा दी है। क्या लोगों को धमकाने के लिए दी है?
हम सिर्फ़ सोशल मीडिया पर कुछ लिख दें तो… pic.twitter.com/mD5gXobCSN
उसने दावा किया कि उसकी ड्यूटी वहाँ लगी थी, लेकिन उसके पास न तो पहचान पत्र था और न ही कोई दूसरी आईडी कार्ड। पुलिस ने उसका नाम अमित बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच की जा रही है।

