दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब छात्रों को राष्ट्रीय स्वयंसेक संघ (RSS), स्वतंत्रता सेनानियों और उन नायकों के बारे में पढ़ाया जाएगा, जिनका इतिहास में बहुत कम उल्लेख है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने एक नया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका नाम ‘राष्ट्रनीति’ रखा गया है।
इस कार्यक्रम के तहत तैयार किए गए पाठ्यक्रम में कई प्रमुख नेताओं जैसे वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में अध्याय शामिल हैं। इनमें उनके राजनीतिक विचार, स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान और आजाद भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया जाएगा।
पाठ्यक्रम का एक हिस्सा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर केंद्रित होगा। इसमें छात्रों को बताया जाएगा कि इसकी स्थापना 1925 में नागपुर में डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। साथ ही RSS की कार्यप्रणाली, अनुशासन, सेवा भाव और प्राकृतिक आपदाओं व सामाजिक कार्यों में इसकी भूमिका की भी जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा, एक विशेष खंड ‘अनसुने नायक’ नाम से जोड़ा गया है, जिसमें उन नेताओं के बारे में बताया जाएगा जिनका जिक्र आम तौर पर कम होता है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेता शामिल हैं।
शिक्षकों को इस नए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाने के लिए हैंडबुक दी गई है और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) की ओर से प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। हालाँकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह विषय किन कक्षाओं में अनिवार्य होगा।

