दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) का नॉर्थ कैंपस एक हिंसक अखाड़े में तब्दील हो गया। यहाँ UGC के जाति आधारित नियमों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की भीड़ ने एक महिला यूट्यूबर, रुचि तिवारी पर जानलेवा हमला कर दिया।
आरोप है कि भीड़ ने रुचि की जाति का पता चलते ही उन्हें निशाना बनाया, उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें भीड़ से बाहर निकाला और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
‘यह ब्राह्मण है, इसे पकड़ो’: नफरत और हिंसा का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर इस घटना के कई रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि आर्ट्स फैकल्टी के बाहर रुचि तिवारी को दर्जनों पुरुषों और महिलाओं ने घेर रखा है।
DU में UGC रेगुलेशन के समर्थन की आर में खुलेआम गुंडागर्दी एक महिला रिपोर्टर को जान से मारने की कोशिश जैसे ही भीड़ को पता चला महिला का नाम रुचि तिवारी है भीड़ भेड़ियों की तरह महिला रिपोर्टर को मारने पीटने के लिए कूद परे।
— Ratan Ranjan (@RatanRanjan_) February 13, 2026
UGC बिल आने से पहले अगर सामान्य वर्ग के महिलाओं के साथ इस… pic.twitter.com/yAynEEiSX8
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही प्रदर्शनकारियों को पता चला कि महिला का सरनेम ‘तिवारी’ है, भीड़ उग्र हो गई। वीडियो में लोग ‘यह ब्राह्मण है, इसे पकड़ो’ और ‘इसे मारो, तब इसे सबक मिलेगा’ जैसे नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब भीड़ में से आवाज आई, ‘यहाँ कोई कुछ बोलना मत, वरना काट कर फेंक देंगे।’
Just In🚨: Violent scenes emerge during a protest against the stay on the new UGC Guidelines at the Arts Faculty campus in Delhi University.
— Simran (@SimranBabbar_05) February 13, 2026
Students under the United Left Banner including students from SFI also allegedly attacked this woman who claims to be a youtuber. pic.twitter.com/d5b9Wa3upy
रुचि तिवारी की आपबीती: ‘गला घोंटने और निर्वस्त्र करने की कोशिश की’
हमले के बाद रुचि तिवारी ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “मैं वहाँ एक रिपोर्टर से बात कर रही थी, तभी 100-150 लोगों की भीड़ ने मुझे घेर लिया। उन्होंने मेरा गला दबाया, बाल खींचे और मेरे कपड़े फाड़ दिए।” रुचि ने आरोप लगाया कि भीड़ चिल्ला रही थी कि इसे निर्वस्त्र कर दो।
दिल्ली विश्वविद्यालय में यूट्यूबर रुचि तिवारी के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है। अगर सिर्फ यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में आवाज उठाने पर सामान्य वर्ग की महिलाओं के साथ यह बर्ताव हो रहा है, तो भविष्य की कल्पना करना भी डरावना है। क्या अब अपनी बात रखना भी सुरक्षित… pic.twitter.com/DxYpMCz9Gx
— सवर्ण आर्मी (@sourav3singh) February 13, 2026
जब उनके साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, तो भीड़ ने उनके साथ भी मारपीट की और उल्टा उन पर ही महिलाओं से बदतमीजी करने का झूठा आरोप मढ़ दिया। रुचि ने सवाल उठाया कि ‘क्या यही नारीवाद है? वहाँ मौजूद किसी भी व्यक्ति ने मुझे बचाने की कोशिश नहीं की।’
वहीं, एबीवीपी (ABVP) दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने इस घटना पर वामपंथी संगठनों को घेरते हुए कहा, “वामपंथी प्रदर्शन के दौरान एक महिला यूट्यूबर पत्रकार वहाँ सवाल पूछ रही थीं। शायद उन्हें वे सवाल पसंद नहीं आए, जिसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनके पुरुष कार्यकर्ता महिला को थप्पड़ मार रहे थे और भीड़ उसे घसीट रही थी। इससे इनका महिला विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। एसएफआई (SFI) और आइसा (AISA) जैसे संगठन अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं और अब सिर्फ चर्चा में रहने के लिए झूठे आरोप और हिंसा का सहारा ले रहे हैं।” सार्थक शर्मा ने आगे जानकारी दी कि पीड़ित पत्रकार ने इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करा दी है।
#WATCH | A woman journalist was seen being attacked during a pro-UGC protest in Delhi University yesterday.
— ANI (@ANI) February 14, 2026
ABVP Delhi State Secretary Sarthak Sharma says, "I would like to make a few things clear. The Left was protesting and a woman journalist, with a YouTube channel, was… pic.twitter.com/BqmKo88sGz
क्यों हो रहा था प्रदर्शन?
यह पूरा विवाद UGC रेगुलेशन 2026 को लेकर है। हाल ही में यूजीसी ने कैंपस में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए नए नियम बनाए थे, जिन्हें जनरल कैटेगरी के छात्रों ने ‘एकतरफा’ बताते हुए विरोध किया था।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, जिसने 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर रोक लगा दी। आज SFI और AISA जैसे संगठन इन नियमों को लागू करने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान यह हिंसा हुई।
पुलिस की कार्रवाई और तनाव
शुरुआत में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी महिला को बचाने में संघर्ष करते दिखे, लेकिन बाद में अतिरिक्त बल ने पहुँचकर स्थिति को संभाला। रुचि ने दावा किया कि उन्हें सिर्फ उनकी जाति की वजह से निशाना बनाया गया। फिलहाल कैंपस में तनाव बना हुआ है और पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है।

