पाकिस्तान की भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद से सुहेल गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गैंग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क में था और भारतीय सेना के ठिकानों और रेलवे स्टेशनों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। आरोपितों के पास से 8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें विदेशी नंबरों के साथ चैट, वीडियो और संदिग्ध सामग्री मिली है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कौशांबी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भोवापुर इलाके के कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के अनुसार ये लोग रेलवे स्टेशनों, सुरक्षा बलों के ठिकानों और अन्य संवेदनशील जगहों के फोटो और वीडियो बनाकर विदेशों में भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर दबिश देकर 6 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, इरम उर्फ महक, प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सुहेल इस पूरे नेटवर्क का सरगना था। वहीं अन्य लोगों को पैसों का लालच देकर इस काम में शामिल करता था और उन्हें वीडियो और फोटो भेजने के बदले पैसे देता था।
पुलिस जाँच में सामने आया है कि आरोपित पिछले करीब एक साल से संवेदनशील जगहों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। आरोपितों के मोबाइल फोन से दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक समेत कई शहरों के रेलवे स्टे शन, सैन्य क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण जगहों के फोटो और वीडियो मिले हैं। पुलिस को मोबाइल फोन से विदेशी नंबरों के साथ चैट भी मिली है, जिनमें एक नंबर पाकिस्तान का बताया जा रहा है।
जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि दिल्ली के आर्मी कैंट क्षेत्र और कैंट रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों की लोकेशन और वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुहेल ने करीब 6 महीने पहले दिल्ली के कैंट रेलवे स्टेशन के पास एक सोलर बेस्ट कैमरा भी लगाया था, जिससे सीधे पाकिस्तान में एक नंबर पर लाइव फीड भेजी जा रही थी।
पुलिस का कहना है कि वीडियो और फोटो भेजने के बदले आरोपितों को 5 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक मिलते थे। शुरुआत में आरोपित सुहेल को ही वीडियो और फोटो भेजते थे, लेकिन बाद में पाकिस्तान से सीधे संपर्क कर उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इसी ग्रुप के जरिए उन्हें निर्देश दिए जाते थे कि किस जगह की जानकारी जुटानी है।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि सुहेल और राज वाल्मीकि पहले दिल्ली में एक साथ होटल और ढाबों पर काम करते थे। बाद में सुहेल ने उसे पैसों का लालच देकर इस नेटवर्क में शामिल कर लिया। इसके बाद प्रवीन, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार और इरम उर्फ महक भी इस गैंग से जुड़ गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के मोबाइल फोन से कई अन्य संदिग्ध नंबर भी मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। साथ ही पाकिस्तान से भेजे गए पार्सल की जानकारी भी सामने आई है, हालाँकि उनमें क्या था और उन्हें कहाँ पहुँचाया गया, इसकी जाँच अभी जारी है।
#WATCH | Ghaziabad, Uttar Pradesh: Police arrested six individuals in the Kaushambi Police Station area for involvement in suspicious activities.
— ANI (@ANI) March 14, 2026
ACP Rajkaran Naiyyar says, "During the course of intelligence gathering within the jurisdiction of the Kaushambi Police Station in… pic.twitter.com/rD8TnFhAdc
एडिशनल पुलिस कमिश्नल राजकरन नैय्यर ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है और बरादम मोबाइल फोन की फोरेंसिक जाँच भी कराई जा रही है। पुलिस की तीन टीमें इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

