मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम दुनिया में नवाचार और समावेश के लिए मिसाल बन रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीक के लोकतंत्रीकरण ने भारत को दुनिया का सबसे अधिक तकनीकी रूप से समावेशी देश बनाया है। हर महीने यूपीआई के जरिए 20 अरब लेनदेन हो रहे हैं, जिनका मूल्य ₹25 लाख करोड़ है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने तकनीक को सिर्फ सुविधा का साधन नहीं, बल्कि समानता का जरिया बनाया है। भारत स्टैक ग्लोबल साउथ के लिए उम्मीद की किरण है, और भारत अपनी तकनीक को दुनिया के साथ साझा कर रहा है, जो डिजिटल सशक्तिकरण है।
India's digital ecosystem is setting global standards for innovation and inclusion. Addressing the Global Fintech Fest 2025 in Mumbai. https://t.co/65bZqzTH7a
— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि भारत और यूके फिनटेक में ग्लोबल लीडर और स्वाभाविक साझेदार हैं। भारत-यूके फ्री ट्रेड समझौता दोनों देशों की जीडीपी बढ़ाएगा। मोदी ने कहा कि भारत का एआई दृष्टिकोण समान पहुँच, बड़े पैमाने पर स्किलिंग और जिम्मेदार उपयोग पर आधारित है। भारत ने एथिकल एआई के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत में एआई का मतलब ‘ऑल इनक्लूसिव’ है।
मोदी ने ओएनडीसी और ओसीईएन जैसे प्लेटफॉर्म्स की तारीफ की, जो छोटे व्यापारियों और एमएसएमई के लिए वरदान हैं। उन्होंने भारत-यूके फिनटेक कॉरिडोर की घोषणा की, जो स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देगा। इस आयोजन में 75 देशों से एक लाख लोग, 7500 कंपनियाँ और 70 रेगुलेटर शामिल हुए।

