15 अगस्त से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने गुजरात में पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पाँच और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अय्यूब कड़ीवाल उर्फ मोहम्मद खदियासन, मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी, मोहम्मद हसन करादिया उर्फ हसन हैदरपुरी और मोहम्मद अय्यूब सुनासरा उर्फ मोहम्मद खली के रूप में हुई है।
गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी पहले पकड़े गए आठ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई। सभी आरोपितों को पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खड़ियाल गाँव से गिरफ्तार किया गया है और कोर्ट ने उन्हें 24 जुलाई तक ATS की रिमांड पर भेज दिया है।
Gujarat ATS have arrested five more accused associated with the terror organisation Jaish-e-Mohammed from various districts of the state
— ANI (@ANI) July 17, 2026
The arrested accused are – Bilal Abid Shera, Mohammed Aiyub Kadiwal aka Mohammed Khadiyasan, Mohammed Shafi Mukhi aka Shafi Chapi, Mohammed… pic.twitter.com/BypxsLm2TD
पहले गिरफ्तार 8 आरोपितों से जुड़े मिले तार, गुजरात में नेटवर्क खड़ा करने की थी कोशिश
जाँच एजेंसियों के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान अहमद, इब्राहिम, मुदस्सिर, जकारिया दुर्रानी, मुफ्ती फौजान, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल और बिलाल मोहम्मद के रूप में हुई थी।
ATS का कहना है कि ये सभी मिलकर गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे थे। मामले में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएँ 13, 17, 18, 38 और 39 के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जाँच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर ATS ने आगे की कार्रवाई करते हुए पाँच और लोगों को गिरफ्तार किया। एजेंसी का कहना है कि नए गिरफ्तार आरोपित पहले पकड़े गए संदिग्धों के साथ लगातार संपर्क में थे और आतंकी गतिविधियों में उनकी भूमिका की जाँच की जा रही है।
देसी टाइम बम की टेस्टिंग और फिदायीन हमले की तैयारी के आरोप
ATS की प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपित पहले से गिरफ्तार मॉड्यूल के साथ मिलकर विस्फोटक उपकरणों के परीक्षण में शामिल थे। जाँच में यह भी सामने आया है कि समूह ने देसी टाइम बम तैयार करने और उसका परीक्षण करने की कोशिश की थी, हालाँकि यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
एजेंसी के अनुसार, मोहम्मद अमीन शेरा ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संपर्कों के जरिए विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराई थी, जबकि मॉड्यूल के एक अन्य सदस्य को बम तैयार करने की तकनीकी जानकारी थी। यह मॉड्यूल अलग-अलग राज्यों में घूमकर अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।
आरोप है कि समूह नए लोगों की भर्ती, हथियार और अन्य संसाधन जुटाने के साथ-साथ फिदायीन (आत्मघाती) हमलों की योजना पर भी काम कर रहा था। ATS अब गिरफ्तार सभी आरोपितों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और कथित साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने में जुटी है।

