गुजरात में 150 से ज्यादा ST परिवारों ने ईसाइयत को त्यागा, स्वेच्छा से सनातन हिंदू धर्म में की घर वापसी: नर्मदा जिले के देदियापाड़ा में आयोजित हुआ कार्यक्रम

गुजरात के नर्मदा जिले के देदियापाड़ा क्षेत्र में हिंदू संगठनों और संतों द्वारा आयोजित एक विशेष ‘घर वापसी’ कार्यक्रम में 150 से अधिक जनजातीय लोग ईसाई मजहब छोड़कर सनातन हिंदू धर्म में लौट आए। ये सभी जनजातीय लोग पहले ईसाई मजहब अपना चुके थे, लेकिन अब स्वेच्छा से हिंदू धर्म की औपचारिक विधियों के साथ वापसी कर ली है।

इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय आदिवासी जागरण मंच और अन्य हिंदू संगठनों ने मिलकर किया। संगठनों का कहना है कि जनजातीय समुदाय की मूल संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब जनजातीय परिवारों को विभिन्न प्रलोभनों जैसे पैसा, नौकरी या इलाज का लालच देकर ईसाई मजहब में परिवर्तित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय धर्म जागरण मंच के मंत्री सोनजीभाई वासावा ने कहा कि क्रिश्चियन मिशनरी जनजातीय लोगों का धर्मांतरण कर रहे हैं। कई जनजातीय लोगों ने भी ठगे जाने की भावना व्यक्त की।

घर वापसी करने वाले जनजातीय लोगों ने बताया कि वे अपनी जड़ों की ओर लौटकर खुश हैं और अब हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करेंगे। संतों और संगठनों ने फैसला लिया है कि भविष्य में भी ऐसे ‘घर वापसी’ कार्यक्रम जारी रहेंगे ताकि जनजातीय और सनातन संस्कृति संरक्षित रहे।

इसी बीच, भाजपा नेता मनसुख वसावा ने भी कहा कि वे जमीनी स्तर पर रहकर हिंदुत्व के लिए काम कर रहे हैं। यह आयोजन जनजातीय बहुल क्षेत्र में धर्मांतरण के मुद्दे को फिर से उजागर करता है, जहाँ हिंदू संगठन सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चला रहे हैं।