इजरायल ने तबातबाई की अगुवाई वाली हिजबुल्लाह को फिर से हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
पिछले एक साल में सीजफायर के बावजूद इजरायल की ओर से किया गया ये मोस्ट टारगेटेड हमला था। अमेरिका ने 2016 में अपनी मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में रखा था। उस पर 50 लाख डॉलर यानी करीब 45 करोड़ रुपए का इनाम भी घोषित था।
लेबनान में 2023-24 के भीषण युद्ध के दौरान इजरायली हमले में ज्यादातर हिजबुल्लाह के नेता मारे गए थे। इसमें तबाताई बच निकला था। अमेरिकी मध्यस्थता के बाद ये युद्ध समाप्त हुआ, लेकिन सीजफायर का उल्लंघन करते हुए इजरायल ने हायथम अली तबताबाई को मार गिराया।
हायथम अली तबताबाई 1980 के दशक में हिजबुल्लाह में शामिल हुआ। इसके बाद से वह कई अहम पदों पर रहा और कई लड़ाइयाँ लड़ी। वह हिज्बुल्लाह की दूसरी पीढ़ी के लड़ाकों में शामिल था, जो सीरिया और यमन में सहयोगी सेनाओं के साथ युद्ध में शामिल था।

