कॉन्ग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक पोस्टर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। नगर निगम शिमला की ओर से स्वच्छता का संदेश देने के लिए लगाए गए इस पोस्टर में भगवान राम को बाल रूप में कूड़े के ढेर पर तीर चलाते हुए दिखाया गया है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।
देवभूमि संघर्ष समिति ने इसे भगवान श्रीराम का अपमान और हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया है। समिति के समन्वयक एडवोकेट भारत भूषण ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा लगाया गया यह बैनर धार्मिक भावनाओं को आहत करता है और तुरंत हटाया जाना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सभी पोस्टर नहीं हटाए गए, तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छोटा शिमला स्थित सचिवालय के पास लगे इस पोस्टर को लेकर शहर में नाराजगी का माहौल है। शिमला पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि यह धारा उन मामलों पर लागू होती है, जहां किसी धर्म या उसकी मान्यताओं का अपमान कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई जाती है।

