भारत सरकार ने पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में रविवार (7 जून 2026) को होने वाले कथित विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। भारत का कहना है कि गिलगित-बाल्टिस्तान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का हिस्सा है और यह भारत का अभिन्न अंग है। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा वहाँ चुनाव कराना भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र में चुनाव कराने जा रहा है, वह भारतीय क्षेत्र है, जिस पर उसने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। मंत्रालय ने दोहराया कि 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में कानूनी और स्थायी विलय हो चुका था, इसलिए पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा है।
भारत ने पाकिस्तान के उन प्रयासों को भी खारिज किया है, जिनके जरिए वह कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कदम वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते और पाकिस्तान का कब्जा अब भी अवैध है।
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। वहाँ राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और लोगों की स्वतंत्रता पर रोक जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं।
भारत का कहना है कि चुनाव कराने जैसे कदम इन गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं, लेकिन इससे जमीनी हकीकत नहीं बदल सकती। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्रों पर अपना अवैध कब्जा खत्म कर उन्हें खाली करना चाहिए।

