भारत ने पाकिस्तान के साथ ट्रैक-2 वार्ता से बनाई दूरी: विदेश सचिव विक्रम मिसरी बोले- निजी क्षमता से शामिल होते हैं पूर्व अधिकारी, सरकार का कोई संबंध नहीं

भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर विदेशों में आयोजित होने वाली ‘ट्रैक-2’ वार्ताओं से भारत ने साफ तौर पर दूरी बना ली है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने वाले सेवानिवृत्त राजनयिक, सैन्य अधिकारी या अन्य भारतीय प्रतिनिधि अपनी व्यक्तिगत क्षमता में भाग लेते हैं, उनके विचारों का सरकार से कोई संबंध नहीं माना जा सकता।

सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मिसरी ने यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों पर दी, जिनमें दावा किया गया था कि पिछले सप्ताह कोलंबो में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारियों, राजनयिकों और नेताओं के बीच ट्रैक-2 संवाद हुआ था।

विदेश सचिव ने कहा, “दुनिया भर में विभिन्न विषयों पर इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। इसमें न तो कुछ नया है और न ही कुछ विशेष। जहाँ तक हमारा संबंध है, ये गैर-सरकारी पक्षों की ओर से आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत सरकार के संदर्भ में इन यात्राओं में न तो कोई आधिकारिक भागीदारी है, न कोई आधिकारिक समर्थन और न ही कोई सरकारी संलिप्तता है।” मिसरी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मंचों पर शामिल भारतीय प्रतिनिधि केवल अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं और वे किसी भी स्थिति में भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।