‘हमें स्कूल में पढ़ाते थे इजरायल-अमेरिका से करो नफरत’: ईरानी एक्ट्रेस ने खोली इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रोपेगेंडा की पोल, झूठ फैलाने वालों को लताड़ा

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव और अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद ईरान की अंदरूनी हकीकत अब दुनिया के सामने आने लगी है। मशहूर ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने इंडिया टुडे को दिए एक लाइव इंटरव्यू में ईरानी शासन और उसका साथ देने वाले ‘लेफ्ट विंग’ मीडिया पर तीखा हमला बोला है। मंदाना ने लाइव एयर पर उन दावों को ‘बुलशीट’ (Bullshit) करार दिया, जो इजरायल को विलेन और ईरानी शासन को पीड़ित दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के स्कूलों में बच्चों को बिना किसी कारण के इजरायल और अमेरिका से नफरत करना सिखाया जाता है।

‘हमें बचपन से नफरत करना सिखाया गया’

मंदाना ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक स्कूल में पढ़ीं, जहाँ हर सुबह ‘इजरायल की मौत’ और ‘अमेरिका की मौत’ के नारे लगवाए जाते थे। उन्होंने कहा, “जब मैं 39 साल की उम्र में पहली बार इजरायल गई, तब मुझे समझ आया कि जो कुछ हमें सिखाया गया वह सब सफेद झूठ था। ईरान का शासन अपने ही नागरिकों का हत्यारा है और दुनिया को गुमराह करने के लिए इजरायल के नाम का सहारा लेता है।”

लाइव डिबेट में रिपोर्टर से तीखी बहस

इंटरव्यू के दौरान जब इंडिया टुडे की रिपोर्टर गीता मोहन ने कहा कि तेहरान की सड़कों पर शासन को अब भी समर्थन हासिल है, तो मंदाना भड़क गईं। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर्स को वही दिखाया जाता है जो सरकार चाहती है। मंदाना ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने अपनी आँखों के सामने अपनी सहेली को 75 कोड़े (Lashes) खाते देखा है, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसका एक बॉयफ्रेंड था। मैंने अपना बचपन और अपनी जवानी इस दमनकारी शासन की वजह से खो दी। आप उन हत्यारों को मंच (Platform) कैसे दे सकते हैं जिन्होंने हजारों बेगुनाहों का कत्ल किया है?”

ईरानी जनता मना रही है मौत का जश्न

मंदाना ने दावा किया कि ईरान के बाहर रहने वाले ही नहीं, बल्कि ईरान के अंदर मौजूद लोग भी अयातुल्लाह खामेनेई और अन्य सैन्य नेताओं के सफाए पर खुश हैं। उन्होंने कहा कि लोग सड़कों पर नाच रहे हैं क्योंकि वे दशकों से इस ‘कैंसर’ रूपी शासन से आजादी चाह रहे थे। उन्होंने निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का समर्थन करते हुए कहा कि ईरानी जनता अब बदलाव चाहती है और यह माँग पिछले कई महीनों से सड़कों पर गूँज रही है।

भारत में हो रहे प्रदर्शनों पर सवाल

मंदाना ने भारत में ईरानी शासन के समर्थन में निकलने वाले जुलूसों पर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि यह देखकर उनका दिल टूट जाता है कि एक लोकतांत्रिक देश में लोग उस शासन का समर्थन कर रहे हैं जो महिलाओं के बुनियादी अधिकारों को कुचलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी मीडिया और ‘लेफ्टिस्ट’ विचारधारा वाले लोग असली मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इजरायल-हमास जंग का सहारा ले रहे हैं।