इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक चुनौतीपूर्ण भाषण दिया। इस दौरान 50 से अधिक देशों के 100 से ज्यादा राजनयिकों ने उनके विरोध में वॉकआउट किया। भारी विरोध के बावजूद नेतन्याहू ने अपने भाषण में हमास को सीधा और स्पष्ट संदेश दिया।
इजरायली PM ने कहा कि उनका यह भाषण गाजा के सभी एक्टिव सेल फोन पर लाइव स्ट्रीम हो रहा है। नेतन्याहू ने सीधे-सीधे हमास के बचे हुए नेताओं और बंधकों को पकड़कर रखने वालों से कहा, “हथियार डाल दो। मेरे लोगों को छोड़ दो। सभी 48 बंधकों को आज़ाद करो। अगर ऐसा करते हो तो ज़िंदा रहोगे। नहीं तो इजराइल तुम्हें खोज-खोज कर खत्म करेगा।”
BREAKING: Benjamin Netanyahu has announced that, thanks to Israeli intelligence, this speech is now live on every cellphone in Gaza:
— Vivid.?? (@VividProwess) September 26, 2025
“Lay down your arms, free all 48 hostages. If you do, you will live. If you don’t, Israel will hunt you down.”
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पीएम नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजरायल को हमास के खिलाफ अपना काम पूरा करना होगा। नेतन्याहू ने कहा कि पश्चिमी नेता भले ही दबाव में आ गए हों, लेकिन इजरायल झुकने वाला नहीं है। नेतन्याहू ने फलीस्तीन को राज्य का दर्जा देने वाले देशों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “ये शर्मनाक फैसले यह संदेश देते हैं कि यहूदियों की हत्या का इनाम मिलता है। इजराइल यह कभी स्वीकार नहीं करेगा।”
नेतन्याहू ने फलीस्तीनी राज्य को ‘एक मील दूर से न्यूयॉर्क में अल-कायदा को राज्य देने जैसा’ बताया और चेताया कि यह रास्ता ‘खून और आतंक को बढ़ावा देने वाला है।’

