जम्मू-कश्मीर में आतंकी इकोसिस्टम पर वार, शौकत-लियाकत और कौसर सरकारी नौकरी से बर्खास्त: आतंकियों की मदद के आरोप, 5 साल में 90+ पर एक्शन

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंक के इकोसिस्टम पर कार्रवाई करते हुए जल शक्ति विभाग के तीन कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन पर आतंकियों की मदद करने, उन्हें खुफिया जानकारी देने, पैसे पहुँचाने और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने का आरोप है। जाँच के बाद यह कार्रवाई की गई है और तीनों के खिलाफ पहले से ही आतंकवाद से जुड़े मामलों में FIR दर्ज है।

पहला मामला अनंतनाग जिले के बिजबेहड़ा का है। यहाँ इकबाल मोहल्ले के रहने वाले शौकत अहमद जरगर जल शक्ति विभाग में डेली रेटेड वर्कर थे। उनके खिलाफ 2019 में FIR दर्ज हुई थी, जिसमें RPC की धारा 307, आर्म्स एक्ट की धारा 7/27 और UAPA की धाराएँ 16 और 18 लगाई गई हैं। उन पर आतंकियों को पनाह देने और साजिश में शामिल होने का आरोप है।

दूसरा और तीसरा मामला किश्तवाड़ जिले से जुड़ा है। यहाँ हुल्लर के रहने वाले लियाकत अली और कौसर हुसैन विभाग में कैजुअल मजदूर के रूप में काम करते थे। दोनों के खिलाफ UAPA की कई धाराओं में केस दर्ज है। जाँच में सामने आया कि ये लोग आतंकियों के लिए पैसे, हथियार और सुरक्षित ठिकानों का इंतजाम करते थे।

प्रशासन के मुताबिक तीनों 2019 से जेल में बंद हैं। पिछले पाँच सालों में सरकार आतंकी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 93 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है।