राजस्थान में जहाँ लगाया ‘आई लव मोहम्मद’ का बैनर, वहीं पर लगे ‘लव जिहाद’ की पोल खोलते पोस्टर: कानपुर में हिंसा फैलाने के बाद भी नहीं सुधरे इस्लामी कट्टरपंथी

राजस्थान के बांसवाड़ा शहर के पाला रोड स्थित जामा मस्जिद इलाके में सोमवार (8 दिसंबर 2025) को दो अलग-अलग पोस्टरों को लेकर विवाद हुआ, जिसके कारण माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पहले से लगे ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर के ठीक सामने बजरंग दल ने ‘लव जिहाद’ का पोस्टर लगा दिया। इस पोस्टर पर इस्लामी कट्टरपंथियों को परेशानी हुई और हंगामा करने लगे।

सोमवार रात मुस्लिम पक्ष के सैंकड़ों लोग सड़क पर इकट्ठा हुए। स्थिति गंभीर होती देख पुलिस ने शहर के अन्य थानों से अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाया गया। समय रहते ही पुलिस ने मामला संभाल लिया। विरोध कर रहे लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की। रात करीब 10 बजे तक क्षेत्र में तनाव बना रहा, जिसके कारण पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय पहले जामा मस्जिद भवन की बाहरी दीवार पर आई लव मोहम्मद लिखा एक पोस्टर लगाया गया था। सोमवार को इसी के सामने एक दूसरा पोस्टर लगा दिया गया, जिसमें अखबार में प्रकाशित लव जिहाद से संबंधित खबरों की कटिंग्स थीं। दोनों पोस्टरों के आमने-सामने लगने से लोग इकट्ठा होने लगे और विरोध शुरू कर दिया।

बता दें कि इससे पहले भी ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर देश के अन्य राज्यों में भी विवाद और हिंसक प्रदर्शन होते रहे हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के कई स्थानों पर भीड़ द्वारा पथराव, मारपीट और पुलिस पर हमले जैसी घटनाएँ सामने आई हैं। कई शहरों में बिना अनुमति जुलूस निकाले गए, ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगे और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए। कई आरोपितों को अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।

कानपुर से शुरू हुआ यह विवाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्टों, मजहबी पोस्टरों को लेकर विरोध और नेताओं के बयानों के चलते और फैल गया। कई जगहों पर स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आँसू गैस का इस्तेमाल तक करना पड़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अशांति या हिंसा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है आई लव मोहम्मद विवाद का इतिहास?

इस विवाद की शुरुआत कानपुर में 4 सितंबर को हुई, जब ‘आई लव मोहम्मद’ का लाइट बोर्ड लगाने के बाद विरोध हुआ और बाद में जुलूस के दौरान हिंदुओं के धार्मिक पोस्टर फाड़े गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे फैलाए गए कि केवल ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने पर FIR हुई, जबकि FIR धार्मिक पोस्टर को फाड़ने की घटना पर हुई थी। इसी नैरेटिव के बाद देशभर में विरोध और प्रदर्शन तेज हुए।

इस विवाद के दौरान हिंदू विरोधी घटनाएँ क्या हुईं?

अलग-अलग राज्यों में पथराव, पुलिस पर हमले, धार्मिक पोस्टर फाड़ने, थाने में तोड़फोड़ और ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगाने की घटनाएँ हुई। उन्नाव में पुलिसकर्मी की वर्दी तक फाड़ दी गई, काशीपुर में सरकारी गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की गई और गोधरा में भीड़ ने थाने में घुसकर नुकसान पहुँचाया। इन घटनाओं के बाद कई आरोपित गिरफ्तार किए गए और प्रशासन ने कई जगह अतिक्रमण पर कार्रवाई भी की।