कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे योगेश गौड़ा हत्याकांड में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कॉन्ग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी को भाजपा नेता की हत्या की साजिश रचने और मर्डर का दोषी पाया है। अदालत अब 16 अप्रैल 2026 को तय करेगी कि कुलकर्णी और अन्य दोषियों को क्या सजा दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह खूनी रंजिश 15 जून 2016 को शुरू हुई थी, जब धारवाड़ में भाजपा नेता योगेश गौड़ा की उनके जिम में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जाँच में सामने आया कि यह महज एक जुर्म नहीं, बल्कि गहरी राजनीतिक दुश्मनी का नतीजा था। उस वक्त विनय कुलकर्णी राज्य की सिद्धारमैया सरकार में मंत्री थे। आरोप लगा कि उन्होंने अपने राजनीतिक रास्ते के कांटे को हटाने के लिए सुपारी देकर योगेश गौड़ा की हत्या करवाई।
CBI की जाँच ने खोला राज
शुरुआत में स्थानीय पुलिस इस केस को देख रही थी, लेकिन पीड़ित परिवार के दबाव के बाद 2019 में जाँच CBI को सौंप दी गई। CBI ने अपनी चार्जशीट में साफ किया कि कुलकर्णी ही इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड थे। जाँच में यह भी पता चला कि उन्होंने न सिर्फ कत्ल की प्लानिंग की, बल्कि गवाहों को डरा-धमकाकर अपने पक्ष में करने की कोशिश भी की। इसी वजह से उन्हें 2020 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उनकी जमानत भी रद्द कर दी गई थी।
कोर्ट का कड़ा रुख
इस मामले में कुल 21 आरोपित थे, जिनमें से कुलकर्णी समेत 17 लोगों को कोर्ट ने दोषी माना है। वहीं, दो आरोपितों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया। अदालत ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जिन्होंने इस मामले में झूठे बयान देकर जाँच को गुमराह करने की कोशिश की थी। अब सबकी नजरें 16 अप्रैल पर टिकी हैं, जब दोषियों की सजा मुकर्रर होगी।

