कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नेतृत्व में बनी नई कॉन्ग्रेस सरकार को शपथ ग्रहण के कुछ ही दिनों बाद अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ सकता है। नई कैबिनेट में विभागों के बंटवारे के बाद कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रामलिंगा रेड्डी नाराज बताए जा रहे हैं।
आज तक के अनुसार, उनकी नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि वे कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने पर भी विचार कर रहे हैं। नई कैबिनेट में रामलिंगा रेड्डी को वृहद एवं मध्यम सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। हालाँकि वे इस विभाग से संतुष्ट नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि रेड्डी बेंगलुरु शहरी विकास विभाग अपने पास रखना चाहते थे और इसी विभाग की माँग कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बेंगलुरु शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी कृष्ण बायरे गौड़ा को सौंप दी। इसके बाद रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन या अन्य विभाग देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रामलिंगा रेड्डी ने आज सुबह 9 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।
माना जा रहा है कि इस दौरान वे अपने अगले कदम का ऐलान कर सकते हैं। अगर रेड्डी मंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो शपथ ग्रहण के महज 48 घंटे के भीतर यह नई शिवकुमार सरकार के लिए पहला बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा।

