कौन हैं मुस्लिम लीग से जुड़ी शिमजिता मुस्तफा, जिसके बस में कथित छेड़छाड़ का वीडियो वायरल करने पर दीपक ने की आत्महत्या: अब देश छोड़कर भागी

केरल में रहने वाली शिमजीथा मुस्तफा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गईं। केरल पुलिस के मुताबिक भीड़ भरी बस से वायरल वीडियो बनाने और उसे शेयर करने वाली महिला शिमजीथा मुस्तफा फरार है। कोझीकोड पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापे मार रही है।

वदाकारा मुस्तफा का पैतृक गाँव है। जहाँ सोमवार 19 जनवरी 2026 को पुलिस पहुँची थी। जानकारी के मुताबिक, शिमजिथा मुस्तफा केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की सदस्य हैं। उसके खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल मुस्तफा ने KSRTC बस के अंदर एक वीडियो बनाकर दीपक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसकी वजह से परेशान होकर दीपक ने आत्महत्या कर ली। ये वीडियो वायरल होने के बाद दीपक ने आत्महत्या कर ली।

दरअसल मुस्तफा KSRTC बस में अपने बगल में बैठे दीपक को एक कैरेक्टर की तरह इस्तेमाल किया और उसे रिकॉर्ड किया और तुरंत भेज दिया। वह उस आदमी को गालियाँ दे रही थी।

दीपक गोविंदापुरम इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और एक टेक्सटाइल कंपनी में काम करते थे। शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को वह बस से यात्रा कर रहे थे, उसी बस में वह महिला भी मौजूद थी। वायरल वीडियो में शुरुआत में दीपक महिला से कुछ दूरी पर खड़े दिखते हैं और बस के हिलने-डुलने के कारण संतुलन बनाए रखने के लिए सीट के ऊपरी हिस्से को पकड़े हुए हैं।

वीडियो के पहले हिस्से में महिला दीपक को दूर से दिखाती है। अगले हिस्से में वीडियो का एंगल बदल जाता है, जिसमें महिला दीपक के और करीब खड़ी नजर आती है और कैमरा उसकी कोहनी की ओर करती है।

दीपक को इस बात की भनक नहीं थी कि उसका वीडियो बनाया जा रहा है और वह अपनी जगह पर खड़ा रहता है। इसी दौरान एक पल ऐसा आता है जब उसकी कोहुनी महिला की छाती से छू जाती है, जबकि महिला उस समय उसके बहुत करीब खड़ी होती है।

वीडियो वायरल होने के बाद दीपक काफी परेशान बताए गए। उन्होंने अपने परिवार और रिश्तेदारों से कहा कि उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी और बस में हाथ का छूना अनजाने में हुआ। रविवार (18 जनवरी 2026) की सुबह दीपक के माता-पिता ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया, तो दीपक फंदे से लटका मिला। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कई लोगों का कहना है कि दीपक निर्दोष था और महिला ने सोशल मीडिया पर ध्यान पाने के लिए जानबूझकर वीडियो बनाया।