कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने एक विवादित बयान के कारण मुश्किलों में घिर गए हैं। केरल में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनका अपमान बताया जा रहा है। मामले के तूल पकड़ते ही और चौतरफा घिरने के बाद खरगे ने सफाई दी और अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी माँग ली है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया।
क्या था खरगे का विवादित बयान?
यह पूरा मामला रविवार (5 अप्रैल 2026) का है। मल्लिकार्जुन खरगे केरल के इडुक्की में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “केरल के लोगों को गुमराह मत करो। यहाँ के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं। आप गुजरात या अन्य जगहों के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को नहीं।”
विवाद बढ़ा तो जताया खेद
जब विरोध बहुत बढ़ गया, तो मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया (X) पर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने लिखा कि उनका मकसद कभी भी गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनके मन में गुजरात के प्रति हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि उनके बयान को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया ताकि विवाद पैदा हो सके।
Some remarks of mine in a recent election speech in Kerala are being deliberately misinterpreted. Even so, I express my sincere regret. It was never my intention to hurt the sentiments of the people of Gujarat for whom I have always had and will continue to have the highest of…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 8, 2026
बीजेपी और गुजरात में भारी गुस्सा
मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। बीजेपी ने इसे गुजरातियों का अपमान और क्षेत्रीय भेदभाव बताया था। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पलटवार करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का यह बयान राज्य के करोड़ों मेहनती और स्वाभिमानी लोगों का अपमान है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कॉन्ग्रेस गुजरात के लोगों को अनपढ़ समझती है?

