बिहार के मधुबनी जिले में चौकीदार के नाबालिग बेटे की हत्या कर दी गई। रविवार (19 अक्टूबर 2025) को छोटी दिवाली के दिन बेटे का शव घर से 500 मीटर दूर धान के खेत में मिला। पुलिस ने आरोपित मोहम्मद फैयाज, मोहम्मद जिलानी और मोहम्मद गुलनवाज को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक के परिजनों ने बताया कि उनका 12 साल का बेटा आदित्य कुमार 13 अक्टूबर 2025 से लापता था। अपहरण करने वाले लोगों ने इंस्टाग्राम के जरिए 25 लाख रुपए की फिरौती माँगी और न देने पर बच्चे के टुकड़े-टुकडे़ करने की धमदी दी थी। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी गई। बावजूद बच्चे का कुछ पता नहीं लगा।
पुलिस ने मामले में एक ही परिवार के 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहम्मद फैयाज, उसकी बेटी मोहम्मद गुलनवाज और बेटा मोहम्मद जिलानी शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
रविवार (19 अक्टूबर 2025) को आदित्य का शव उसके घर से 500 मीटर दूर मिला। शव से दुर्गंध के बाद ग्रामीणों की इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने परिवार से शव की शिनाख्त करवाई। पुलिस का कहना है कि तीन दिन पहले हत्या कर शव को खेत में फेंका गया है।
घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “दिवाली से पहले बेरहमी से बुझा दिया गया एक दलित परिवार का चिराग! झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम निवासी शिव कुमार चौपाल के पुत्र आदित्य चौपाल की नृशंस हत्या की गई। यह जिहादी घटना दिल दहला देने वाली है।”
दिवाली से पहले बेरहमी से बुझा दिया गया एक दलित परिवार का चिराग!
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) October 20, 2025
झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम निवासी शिव कुमार चौपाल के पुत्र आदित्य चौपाल की नृशंस हत्या की गई।
यह जिहादी घटना दिल दहला देने वाली है।
पिपरौलिया निवासी मोहम्मद फैय्याज व उसके साथियों में ऐसी दरिंदगी की हिम्मत…
उन्होंने आगे लिखा, “पिपरौलिया निवासी मोहम्मद फैय्याज व उसके साथियों में ऐसी दरिंदगी की हिम्मत कहां से आई? सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश की गहराई से जांच होनी चाहिए।”

