बंगाल के मालदा में BDO ऑफिस के बाहर भीड़ का बवाल: 8 घंटे तक 7 न्यायिक अधिकारी बने रहे बंधक, पुलिस के सामने हुआ पथराव

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बुधवार (1 अप्रैल 2026) को बड़ा बवाल देखने को मिला। यहाँ मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में उग्र भीड़ ने कालियाचक क्षेत्र के एक BDO कार्यालय में 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 8 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इनमें 3 महिलाएँ भी शामिल थीं।

बाद में पुलिस ने किसी तरह सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। हालाँकि बाहर निकलते समय भीड़ ने थरा भी किया। मामले में BJP ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और न्यायिक अधिकारियों तक को बंधक बनाया जा रहा है।

वोटर लिस्ट से नाम हटने पर सड़कों पर उतरे लोग

मालदा के हरिश्चंद्रपुर-II ब्लॉक के दौलतपुर, कालियाचक के सुजापुर समेत कई इलाकों में सुबह से ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगह टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उनके नाम साजिश के तहत मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे और सुनवाई में भी शामिल हुए थे।

लोगों का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत लाखों नाम जाँच के दायरे में आए, जिनमें से बड़ी संख्या में नाम हटा दिए गए। इससे वे आगामी चुनाव में वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

BDO कार्यालय का घेराव, राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम

शाम होते-होते गुस्साए लोगों ने कालियाचक-II बीडीओ कार्यालय को घेर लिया और अंदर मौजूद न्यायिक अधिकारियों को बाहर नहीं निकलने दिया। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर भी बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई जगहों पर लोगों ने बाँस, फर्नीचर और काँच की बोतलें रखकर रास्ता रोका।

कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर ही खाना बनाते नजर आए और साफ कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने DGP को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 60 लाख से अधिक मतदाताओं के मामलों की जाँच चल रही है, जिनमें से करीब 49 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। हालाँकि हटाए गए नामों की आधिकारिक संख्या अभी सामने नहीं आई है। मालदा के कई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि राज्य में 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।