मोसाद ने ईरान के पूर्व राष्ट्रपति को ही कर लिया था सेट: NYT का दावा, फिर कैसे फेल हो गया तख्तापलट का इजरायली प्लान?

इजरायल की खतरनाक खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ ईरान में बड़ा तख्तापलट करने और वहाँ के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को अपनी कठपुतली बनाकर सत्ता पर बिठाने की एक बेहद सीक्रेट प्रोजेक्ट काम कर रही थी। अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) की एक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मोसाद ने कई सालों की मेहनत के बाद अहमदीनेजाद को ‘एसेट’ के रूप में तैयार किया था, ताकि ईरान में शासन परिवर्तन के बाद उन्हें देश की कमान सौंपी जा सके।

NYT की रिपोर्ट के अनुसार, इस सीक्रेट ऑपरेशन का अंतिम चरण फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के शुरुआती दिनों के दौरान सक्रिय हुआ था। 28 फरवरी 2026 को इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान में अहमदीनेजाद के आवास को निशाना बनाया, जिसमें उनके सुरक्षाकर्मियों की इमारत और उनकी बख्तरबंद गाड़ी तबाह हो गई।

इस हमले के तुरंत बाद मोसाद के एजेंट एक काली प्यूजो (Peugeot) कार से वहां पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान (Safe House) पर ले गए। हालाँकि इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अहमदीनेजाद अचानक घबरा गए और इजरायल की रणनीति पर से उनका भरोसा डगमगा गया, जिसके चलते यह पूरी योजना धराशायी हो गई।

NYT की स्टोरी का स्क्रीनशॉट

बुडापेस्ट में रचा गया था अहमदीनेजाद को सत्ता में बिठाने का खेल

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2024 में अहमदीनेजाद एक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में शामिल होने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट गए थे, जो कि वास्तव में मोसाद अधिकारियों के साथ उनकी बैठकों का एक कवर (मुखौटा) था। मोसाद के तत्कालीन प्रमुख डेविड बार्निया ने खुद वहां जाकर उनसे गुप्त मुलाकात की थी। इसके बाद जून 2025 में भी वे दोबारा बुडापेस्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने ईरानी सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर लंबी गुप्त बैठकें कीं। इन मुलाकातों के बदले इजरायली एजेंटों ने उन्हें आवास और विदेश यात्राओं के लिए मोटी रकम भी मुहैया कराई थी।

तख्तापलट के बाद इजरायल को मान्यता देने की थी तैयारी

अहमदीनेजाद विदेशी ताकतों की मदद से दोबारा ईरान की सत्ता पर काबिज होना चाहते थे। उनका मानना था कि वह तख्तापलट के बाद ईरान का नेतृत्व कर सकते हैं। इसके लिए वे इजरायल को मान्यता देने और ऐतिहासिक ‘अब्राहम समझौते’ में शामिल होने के लिए भी पूरी तरह तैयार थे। मोसाद की योजना ईरानी कुर्द विपक्षी ताकतों को प्रशिक्षित कर तेहरान पर कब्जा करने की भी थी, जो धरी की धरी रह गई।

अब जेल या हाउस अरेस्ट में हैं पूर्व राष्ट्रपति

रिपोर्ट में अहमदीनेजाद के हाउस अरेस्ट होने का दावा

इस नाकाम तख्तापलट के बाद से अहमदीनेजाद को ईरान में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया है। उन्हें आखिरी बार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में भारी सुरक्षा घेरे के बीच खामोश देखा गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वे अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की खुफिया शाखा की हिरासत में हैं।

बहरहाल, इस खुलासे पर मोसाद और अहमदीनेजाद के प्रवक्ताओं ने अब तक कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।