महाराष्ट्र के नक्सल गढ़ अबूझमाड़ में बड़ी जीत, फुलनार में बनी स्थाई सुरक्षा चौकी: ‘जनताना सरकार’ के सामने डटे जवान, ग्रामीणों ने लहराया तिरंगा

महाराष्ट्र के सुरक्षा बलों ने रविवार (23 नवंबर 2025) को नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बड़ी सफलता हासिल की। गढ़चिरोली जिले के फुलनार गाँव में 24 घंटे के अभियान के बाद पुलिस ने एक मजबूत कैंप स्थापित कर दिया। यह इलाका लंबे समय तक माओवादी (CPI) का मुख्य गढ़ रहा है, जहाँ वे अपनी ‘जनताना सरकार’ चलाकर पूरी तरह समानांतर प्रशासन चलाया करते थे।

सुरक्षा अभियान की ऐतिहासिक सफलता

गुंदुरवाही कैंप बिल्कुल उसी जगह बनाया गया है, जहाँ वर्षों तक माओवादी वामपंथी आतंकी जनता के नाम की अदालत चलाते थे और मनमानी करते थे। 2023 के बाद अबूझमाड़ में स्थापित यह आठवाँ पुलिस कैंप है और इस क्षेत्र में अब तक की सबसे गहरी पैठ है।

यह उपलब्धि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस लक्ष्य को मजबूती देती है जिसमें 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की योजना है। शाह पहले ही साफ कर चुके हैं कि हथियारबंद नक्सलियों से बातचीत नहीं होगी, बल्कि उन्हें आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना होगा तभी सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा।

फुलनार और उसके आसपास का इलाका कभी इतना खतरनाक था कि परलकटा नदी के उफान के कारण सात महीनों तक पहुँच ही नहीं हो पाती थी और बाकी महीनों में PLGA की बंदूकें रास्ते रोक लेती थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मौके पर कहा कि अब यहाँ तिरंगा लहराएगा।

इस रात-दिन चले ऑपरेशन में 1,050 सुरक्षाकर्मी, जिनमें 1,000 C-60 कमांडो, 21 बम निरोधक दस्ते, 500 SPO और CRPF शामिल रहे। भारी मशीनरी की मदद से 12 पोर्टा केबिन, वाई-फाई, RO प्लांट, जनरेटर बैकअप, वॉचटावर और बंकर सहित पूरी तरह तैयार बेस खड़ा कर दिया गया।

बदलता माहौल: विकास की राह और जनसहभागिता

फुलनार वही इलाका रहा है जहाँ PLGA की कुख्यात कंपनी नंबर–10 सक्रिय थी, जिसने 2016 में C-60 कमांडो का अपहरण कर हत्या की थी। बीते कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने इस समूह के चार नक्सलियों को मार गिराया।

जहाँ एक समय ग्रामीण पुलिस के प्रवेश का विरोध करते थे और माओवादियों का समर्थन करते थे, वहीं रविवार (23 नवंबर 2025) को माहौल पूरी तरह बदल गया। आसपास के 10 गाँवों के 300 से अधिक जनजातीय नागरिक कैंप के उद्घाटन और जनजागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसमें ADG (स्पेशल ऑपरेशन) चेरिंग दोरजे और गढ़चिरोली SP नीलोत्पल मौजूद रहे।

SP नीलोत्पल ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने के साथ अब सड़क, पुल, मोबाइल टावर और उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का रुका काम फिर तेजी से शुरू होगा और आगे राज्य परिवहन बसें भी चलाई जाएँगी। इससे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन आसान होगा और व्यापार व विकास की नई राह खुलेगी।

पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को साड़ियाँ, कंबल, बर्तन, मच्छरदानी, स्कूल किट, खेल सामग्री और खाद्य वस्तुएँ वितरित करते हुए सरकारी योजनाओं और शांति के लाभों की जानकारी भी दी।