बस्तर में नक्सलियों के विचारों पर प्रहार, 3 साल में ढहाए गए 100+ स्मारक: 500+ माओवादियों का खात्मा

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा बनाए गए स्मारकों को गिराने का अभियान तेजी पकड़ रहा है। पिछले तीन सालों में 100 से ज्यादा स्मारकों को ध्वस्त किया गया है। पुलिस के आँकड़ों के मुताबिक, इसी दौरान 520 से ज्यादा नक्सली मारे गए या उन्होंने सरेंडर कर दिया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में यह अभियान चलाया गया, जहाँ कभी माओवादियों का आतंक फैला था। उन्होंने कई स्मारक बनाए थे, इन पर मारे गए माओवादी कमांडरों के नाम लिखे थे। ये स्मारक ऊँचे-ऊँचे पिरामिड जैसे दिखते थे और स्थानीय लोगों में दहशत फैलाते थे।

सबस बड़ा स्मारक कोमटपल्ली गाँव में था, जो लगभग 64 फीट ऊँचा था, जिसे नक्सलियों ने अपने प्रमुख महत्तव वाले आयोजनों में बनाया था। इस स्मारक के नीचे-ऊपर माओवादी झंडे और नामों ने कई सालों तक लोगों के मन में डर और उनके विचारों को जगह दी थी। साल 2025 में सुरक्षाबलों ने इसे ध्वस्त कर दिया।

लेकिन जब सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी पकड़ मजबूत की, तो उन्होंने सिर्फ हथियारों से लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि सोच और प्रतीकों से भी मुकाबला किया। CRPF के डायरेक्टर जनरल जीपी सिंह कहते हैं, “हम ईंट-दर-ईंट इस विचार और इसके हर रूप को नष्ट कर देंगे।”