‘अपने मंदिरों में जाओ, सिखों के गुरुद्वारों में क्या लेने जा रहे हो’: ननकाना साहिब जाने वाले 14 हिंदू परिवारों को पाकिस्तान ने बॉर्डर पर रोका, वापस भेजा

गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर भारत से सिख श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था पाकिस्तान के ननकाना साहिब जाने के लिए रवाना हुआ। लेकिन इस धार्मिक यात्रा में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं को वाघा बॉर्डर पर मंगलवार ( 4 नवंबर 2025 ) को पाकिस्तानी अधिकारियों ने रोक दिया और उन्हें सीमा पार करने से मना कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तीर्थयात्रियों के दस्तावेजों में उनका धर्म साफ तौर पर लिखा गया है। ननकाना साहिब जाने वाली बस में चढ़ने से कुछ ही समय पहले सिख और हिंदू श्रद्धालुओं को अलग-अलग कर दिया गया। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने हिंदुओं को वापस भेज दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदू श्रद्धालुओं में से एक परिवार ने बताया कि वे अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके पाकिस्तान की ओर वाघा पहुँचे। सभी प्रक्रियाएँ पूरी की और विशेष बस के टिकट भी खरीदे। इसके बाद जैसे ही वे बस में चढ़ने वाले थे, उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने रोक लिया। अधिकारियों ने कहा, ‘तुम हिंदू हो, सिख जत्थे के साथ नहीं जा सकते।’

पाकिस्तानी अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को अपमानित करते हुए ये भी कहा, ‘अपने मंदिरों में जाओ, सिखों के गुरुद्वारों में क्या लेने जा रहे हो।’ हिंदू श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु नानक देव जी को सिख के साथ हिंदू श्रद्धालु भी पूजते हैं।

पाकिस्तान के उच्चायोग ने 10 दिनों की तीर्थयात्रा के लिए 2,100 से ज्यादा श्रद्धालुओं को वीजा दिया था, लेकिन 1796 श्रद्धालुओं को ही सीमा पार करने की अनुमति मिली। 300 से ज्यादा श्रद्धालुओं को वीजा प्रक्रिया में गड़बड़ी के चलते भारतीय सीमा में ही रोक दिया गया।

पाकिस्तान की ओर की गई इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों समुदायों के बीच फूट डालने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।