विरोध बढ़ने पर प्रदेश नेतृत्व ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता रद्द कर दी। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी किसी भी विवादास्पद व्यक्ति को स्थान देने के पक्ष में नहीं है और इस मामले में हुई चूक को तत्काल सुधार लिया गया है।

इस संबंध में जिला अध्यक्ष को पत्र भेजकर काशीनाथ चौधरी को निलंबित करने की सूचना दे दी गई है। महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान, गढ़चिंचली में साधु हत्याकांड हुआ था। इसमें काशीनाथ चौधरी को मुख्य आरोपित बनाया था। पहले यही काशीनाथ चौधरी एनसीपी से जुड़ा हुआ था।

