युवाओं के लिए मोदी सरकार की बड़ी पहल, पहली बार नौकरी करने वालों के खातों में पहुँचे ₹2400 करोड़: PM बोले- ये परिश्रम का सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (19 जून 2026) को राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की। सरकार ने इसे रोजगार सृजन और औपचारिक कार्यबल को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

इस योजना के जरिए अब तक देशभर में करीब 15 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों से बातचीत की।

युवा करेंगे भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व: PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख नौकरियाँ पैदा की गई हैं। पहली बार कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी का सुरक्षा कवच भी दिया गया है। करीब 20 लाख युवाओं ने अपनी नई नौकरियों में छह महीने पूरे कर लिए हैं और इनमें से 10 लाख युवाओं को इस योजना के लाभार्थी के तौर पर इंसेंटिव मिला है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खाते तक पहुँच चुकी है। ये राशि सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, ये उनके परिश्रम को सम्मान है, ये उनके उज्ज्वल भविष्य पर देश के विश्वास की अभिव्यक्ति है।”

पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है। दुनिया फ्यूचर टेक्नोलॉजी की ओर आगे बढ़ रही है और भारत अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाने में जुटा है।”

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यही भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर है, और हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाना है। विकसित भारत का रास्ता युवाओं के सपनों, उनके कौशल और उनके सामर्थ्य से होकर जाता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत जैसे युवा देश में अवसरों के स्रोत जितने अधिक होंगे युवाओं के सपनों को उतनी ही अधिक उड़ान मिलेगी। इसी सोच के साथ बीते 12 वर्षों में रोजगार के हर रास्ते को मजबूत किया गया है।”

पहली नौकरी पाने वालों को मिला आर्थिक सहारा

PM-VBRY के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया गया। योजना के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सहायता उपलब्ध कराई गई ताकि वे औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जुड़ सकें और अपने करियर की शुरुआत में आर्थिक समर्थन प्राप्त कर सकें।

सरकार का मानना है कि इससे युवाओं की रोजगार भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। योजना में केवल कर्मचारियों ही नहीं बल्कि कंपनियों और संस्थानों को भी शामिल किया गया है। अतिरिक्त रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपए तक का प्रोत्साहन देने का प्रावधान लागू किया गया।

3.5 करोड़ रोजगार सृजन के लक्ष्य की ओर सरकार का जोर

1 अगस्त 2025 से लागू इस योजना के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपए का कुल प्रावधान तय किया है। इसका उद्देश्य दो वर्षों के भीतर 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को बढ़ावा देना है, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है जो पहली बार कार्यबल का हिस्सा बनेंगे। सरकार का कहना है कि यह पहल सामाजिक सुरक्षा दायरे को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।