बरेली के थाना व कस्बा शाही निवासी प्रदीप सक्सेना को गुरुवार (27 नवंबर 2025) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर प्रेमनगर थाने में साल 1987 में हत्या और चोरी (धारा 302 व 379) का मामला दर्ज हुआ था। साल 1989 में जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद वह अपने परिवार और लोगों से सभी संपर्क तोड़कर गायब हो गया।
हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर 2025 को SSP बरेली को आदेश दिया था कि आरोपित को चार सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाए। आदेश मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम बनाई।
कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी तलाश
तलाश की शुरुआत आरोपित के पैतृक कस्बे शाही से हुई, लेकिन वहाँ उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। टीम फिर उसके भाई सुरेश बाबू सक्सेना तक पहुँची, जिसने बताया कि प्रदीप ने साल 2002 में धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम नाम ‘अब्दुल रहीम’ रख लिया है और मुरादाबाद के मोहल्ला करूला में रहकर ड्राइविंग करता है।
पुलिस टीम जब मुराबाद के ट्रांसपोर्ट नगर पहुँची तो लोगों ने बताया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति ‘सक्सेना ड्राइवर’ के नाम से जाना जाता है और करीब 30 साल से वहीं गाड़ी चलाता है। वह उस दिन बरेली गया हुआ था।
बरेली में तलाश के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डेलापीर मंडी में एक संदिग्ध को पकड़ा। पहले उसने अपना नाम अब्दुल रहीम बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ तो उसने सच बताया की वह ही प्रदीप सक्सेना है।
उसने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने धर्म बदला, दाढ़ी रखी और पहचान पूरी तरह बदल ली। अब उसकी उम्र 70 साल है। पुलिस ने उसे हाईकोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार कर लिया।

