प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (8 जनवरी 2026) को अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय AI स्टार्ट-अप्स के सीईओ के साथ एक अहम राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक अगले महीने भारत में होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (India AI Impact Summit 2026) से पहले आयोजित की गई।
इसमें AI फॉर ऑल: ग्लोबल इंपैक्ट चैलेंज के लिए चयनित 12 भारतीय AI स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया और अपने कार्यों की प्रस्तुति दी।
On 8th January, PM Modi chaired a roundtable with top Indian AI start ups ahead of the India AI Impact Summit 2026, stressing ethical, unbiased and inclusive AI, local languages, data privacy, and calling AI entrepreneurs the co-architects of India’s future. pic.twitter.com/YHBtkKZ9VA
— OpIndia.com (@OpIndia_com) January 8, 2026
AI स्टार्ट-अप्स की बढ़ती भूमिका और भारत की वैश्विक पहचान
बैठक में शामिल स्टार्ट-अप्स हेल्थकेयर, मल्टीलिंगुअल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs), स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और वीडियो, जेनरेटिव AI आधारित 3D कंटेंट, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च और डेटा एनालिटिक्स जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
स्टार्ट-अप्स की ओर से भारत में AI सेक्टर की तेजी से हो रही वृद्धि और इसके व्यापक भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि AI इनोवेशन और इसके बड़े पैमाने पर उपयोग का केंद्र अब तेजी से भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिससे भारत वैश्विक AI के मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।
प्रधानमंत्री का विजन: ‘मेड इन इंडिया’, मेड फॉर द वर्ल्ड’
प्रधानमंत्री मोदी ने समाज में परिवर्तन लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत में होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ देश को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई दिशा देगा।
उन्होंने स्टार्ट-अप्स और AI उद्यमियों को भारत के भविष्य का सह-निर्माता (co-architect) बताते हुए कहा कि भारत के पास नवाचार और बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन, दोनों की अपार क्षमता है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा विशिष्ट AI मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए जो ‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ की भावना को दर्शाए।
नैतिक, समावेशी और सुरक्षित AI पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का भारत पर भरोसा देश की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए भारतीय AI मॉडल को नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा प्राइवेसी आधारित होना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय AI मॉडल स्थानीय व स्वदेशी कंटेंट तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दें।
साथ ही, उन्होंने सस्ती, समावेशी और फ्रूगल इनोवेशन आधारित AI को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और स्टार्ट-अप्स को उनकी सफलता के लिए सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
इस राउंडटेबल बैठक में Avataar, BharatGen, Fractal, Gan, Genloop, Gnani, Intellihealth, Sarvam, Shodh AI, Soket AI, Tech Mahindra और Zenteiq जैसे स्टार्ट-अप्स के सीईओ और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद रहे।

