म्यांमार के जातीय उग्रवादी समूहों को हथियार और प्रशिक्षण देने के आरोप में 13 मार्च 2026 को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया था। अब खबर सामने आई है कि इन गिरफ्तारियों के पीछे रूस की खुफिया जानकारी का हाथ हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय खुफिया सूत्रों ने बताया है कि अमेरिका के भाड़े के सैनिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को पकड़ने में रूस ने भारत की मदद की हो सकती है। हालाँकि, रूस की मदद कितनी थी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
NIA के मुताबिक, वैनडाइक और बाकी आरोपित साल 2024 में म्यांमार के जातीय समूहों को ड्रोन और जामिंग उपकरण दे रहे थे और उन्हें प्रशिक्षण भी दे रहे थे। इन लोगों को पकड़ने के लिए NIA की टीमें कम से कम तीन महीने तक पूर्वोत्तर इलाके में सक्रिय रहीं।
गिरफ्तार किए गए सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम कानून (UAPA) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैरकानूनी या आतंकवादी गतिविधियों की साजिश का आरोप शामिल है।

