ऑफिस में बम बनाता था राशिद खान, धमाके में 50+ लोगों की हुई थी मौत: क्या याद है 16 मार्च 1993 का वो दिन, जब दहल उठा था कोलकाता का बोबाजार

12 मार्च 1993 को 12 आतंकवादियों ने मुंबई में जगह-जगह बम धमाके किए, जिसमें लगभग 257 लोगों ने जान गवाई। देश इस बड़े आतंकवादी हमले से संभला नहीं था कि तीन दिन बाद 16 मार्च 1993 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर के भीड़भाड़ वाले बोबाजार इलाके में एक और बड़ा बम धमाका हुआ। इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

आज इस घटना को 33 साल बीत चुके हैं, लेकिन शायद लोग इसे भूल चुके हैं। 16 मार्च 1993 की आधी रात को व्यवसायिक क्षेत्र बोबाजार की एक इमारत भीषण बम धमाका हुआ। बम धमाके से पूरी इमारत ढह गई, जिससे आसपास की कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा।

जाँच में सामने आया कि बोबाजार इलाके में ही रहने वाले मोहम्मद राशिद खान ने अपने दफ्तर के ऊपर एक कमरे में बम बनाने का गुप्त वर्कशॉप बना रखा था। वहाँ भारी मात्रा में विस्फोटक और बम जमा किए गए थे। उस रात अचानक ये सारे बम एक साथ फट गए और बहुत बड़ा विस्फोट हुआ। पुलिस ने बताया था कि कहा कि इन विस्फोटकों को शहर में अन्य जगहों पर रखकर हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़काने की योजना थी।

विस्फोट के चलते दो इमारत पूरी तरह ढह गई। और पास की कई इमारतों में आग लग गई। उस समय कई घंटों तक मलबा हटाकर लोगों को निकाला गया। बम धमाके से इलाके में दहशत फैल गई। जाँच प्रक्रिया के बाद मुख्य आरोपित रशीद खान और उसके साथियों को पकड़ा गया। उन पर TADA के तहत कार्रवाई हुई।

CBI ने 100 से ज्यादा लोगों को आरोपित बनाया। मामले की सुनवाई कई सालों तक चली। आखिरकार साल 2001 में अदालत ने रशीद खान और उसके 5 साथियों को दोषी ठहराया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई।

अब 33 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस आतंकी हमले को याद करते हुए पोस्ट किया है। 1993 में हुए मुंबई और कोलकाता में आतंकी हमलों को याद करते हुए BJP ने तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधा।