IPL कोची घोटाले से शशि थरूर को बचाने में था सोनिया गाँधी का हाथ: ललित मोदी ने खोले कई राज, बताया- सुनंदा पुष्कर पर सवाल करने पर मिली थी रेड की धमकी

एक दशक से भी ज्यादा समय बाद जब कोची टस्कर्स फ्रेंचाइजी विवादों के बवंडर में डूबकर खत्म हो गई थी, अब IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने लंदन से ANI को दिए इंटरव्यू में 2010 के IPL कोची घोटाले पर चुप्पी तोड़ी और सीधे कॉन्ग्रेस हाई कमान पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि इस घोटाले से शशि थरूर को सोनिया गाँधी ने बचाया था।

मोदी का कहना है कि जब उन्होंने कोची कंसोर्शियम के वित्तीय ढाँचे पर सवाल उठाया तो पूरी UPA सरकार उनके खिलाफ खड़ी हो गई। 350 मिलियन डॉलर की फ्रेंचाइज़ी में सुनंदा पुष्कर को बिना कोई पैसा लगाए 25% मुफ्त इक्विटी दी जा रही थी। तब मोदी ने पूछा था, “75% शेयरहोल्डर्स 100% पैसा लगा रहे हैं और कोई और 25% मुफ्त ले रहा है, यह कैसे हो सकता है?”

जब उन्होंने साइन करने से इनकार किया तो UPA सरकार में केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का उनका फोन आया। मोदी के मुताबिक थरूर ने कहा, “ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो, वो मेरी अच्छी दोस्त हैं। अगर पूछा तो सुबह तुम्हारे यहाँ छापा पड़वा दूँगा।” मोदी ने जवाब दिया, “तुम कौन होते हो मुझे यह बताने वाले, भले विदेश मंत्री हो लेकिन मुझे ऐसे मत बोलना।”

ललित मोदी ने कहा कि इसके बाद उन पर ऊपर से दबाव आना शुरू हुआ। उन्होंने कहा, “सोनिया गाँधी ने शशि थरूर को बचाया। हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा जा रहा था। अहमद पटेल के फोन आए प्रणब मुखर्जी के फोन आए राजीव शुक्ला और बोले, यह करो, वो करो।

मोदी ने कहा कि अंत में BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर के दबाव में उन्हें साइन करना पड़ा। मोदी ने बताया, “मैंने दस्तावेज पर लिखा कि मैं यह एग्रीमेंट दबाव में साइन कर रहा हूँ।”

ललित मोदी ने कहा कि इसके बाद उन पर ऊपर से दबाव आना शुरू हुआ। उन्होंने कहा, “सोनिया गाँधी… हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा जा रहा था। अहमद पटेल के फोन आए प्रणब मुखर्जी के फोन आए राजीव शुक्ला और बोले, यह करो, वो करो।”

IPL कोची घोटाला क्या था?

साल 2010 में IPL के विस्तार के दौरान कोची कंसोर्शियम नाम का ग्रुप 350 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर ‘कोची टस्कर्स केरल’ नाम से नई फ्रेंचाइजी खरीदी, लेकिन ललित मोदी ने आरोप लगाया कि इस डील में सुनंदा पुष्कर को बिना एक पैसा लगाए 25% मुफ्त इक्विटी और 15% राजस्व दिया जा रहा था। सुनंदा पुष्कर उस वक्त तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की करीबी दोस्त थीं और बाद में उनकी पत्नी बनीं।

मामला सार्वजनिक होने पर थरूर को अप्रैल 2010 में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, ललित मोदी को IPL चेयरमैन पद से हटाकर उनके खिलाफ जाँच शुरू हुई और वो लंदन चले गए, कोची फ्रेंचाइजी 2011 में एक ही सीजन बाद बंद हो गई और सुनंदा पुष्कर जनवरी 2014 में दिल्ली के एक होटल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गईं।