प्रधान मोहम्मद सादिक ने वोटबैंक के लिए बसाए रोहिंग्या-बांग्लादेशी, पूर्व BJP विधायक का आरोप: जौनपुर में मुरकी गाँव में ऐसे 200+ लोग, 26 बीघा जमीन कब्जाई

उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित मुरकी गाँव में 200 से अधिक रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक रहते हैं। इसकी शिकायत बीजेपी नेता ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की। इस पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने 3 सदस्यीय टीम का गठन किया, जिसको 17 अक्टूबर 2025 तक रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।

वहीं क्षेत्र के पूर्व बीजेपी विधायक दिनेश चौधरी ने बताया कि मुरकी गाँव मुस्लिम बहुल है, जिसका प्रधान मोहम्मद सादिक है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने अपने राजनीतिक स्वार्थ और वोटबैंक मजबूत करने के लिए इन बाहरी लोगों को गाँव में बसाया है। अन्य ग्रामीणों ने कई बार विरोध किया लेकिन प्रधान ने कोई कार्रवाई नहीं की।

हालाँकि, दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में इन रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों से बातचीत में वे दावा करते हैं कि वे सभी लोग इसी देश के हैं। यहाँ अधिकतर लोग घोड़ा-खच्चर का व्यापार करते हैं या फिर भट्टे पर काम करते हैं।

काफी लोग यहाँ 2013 में आकर बसे हैं और दावा करते हैं कि उन्होंने मेहनत से यहाँ जमीन खरीदी है। लेकिन इन जमीन पर अब तक घर नहीं बने हैं, ये सभी लोग पन्नी और तिरपाल डालकर झोपड़ियों में रह रहे हैं। इन सभी लोगों के आधार कार्ड भी बने हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भी सामने आया कि इस इलाके में पहले तीन मुस्लिम भाई आकर बसे थे। धीरे-धीरे उनके परिवार और रिश्तेदार की संख्या बढ़ती गई और अब ये लोग 26 बीघे जमीन पर खेती कर रहे हैं। मामले में प्रशासन के संज्ञान के बाद खुफिया जाँच एजेंसिया भी सतर्क हो गई हैं।