ऑपरेशन सिंदूर के बाद ₹1 लाख करोड़ बढ़ा रक्षा बजट, मिले ₹7.85 लाख करोड़: फाइटर जेट से लेकर मिसाइलों तक धड़ाधड़ बनेंगे हथियार

बजट 2026 में मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र के लिए ₹7,84,678 करोड़ (करीब 7.85 लाख करोड़) का बजट दिया है। अगर पिछले साल के ₹6,81,210 करोड़ के बजट से तुलना करें, तो इस बार इसमें करीब 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बजट का स्वागत करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह बजट हमारी सैन्य शक्ति को और भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।

सेना का ‘मेकओवर’: नए हथियार और आधुनिक तकनीक पर जोर

इस बजट की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार ने सेना को हाई-टेक बनाने यानी आधुनिकीकरण के लिए ₹2,19,306 करोड़ तय किए हैं। पिछले साल यह आँकड़ा ₹1.80 लाख करोड़ था। इस पैसे से नए फाइटर जेट, एयरो इंजन और नौसेना के लिए नए जहाजों की खरीद होगी।

बजट में अकेले विमानों और इंजनों के लिए ₹63,733 करोड़ रखे गए हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि हमारी सेना के पास अब और भी एडवांस हथियार होंगे, जिससे दुश्मनों को जवाब देना आसान होगा।

घरेलू इंडस्ट्री को पंख: सस्ता होगा विमानों का निर्माण और मरम्मत

सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत ही आसान लेकिन बड़ा फैसला लिया है। अब विमान के पुर्जे बनाने के लिए बाहर से जो कच्चा माल मँगाया जाता है, उस पर लगने वाला टैक्स (बेसिक कस्टम ड्यूटी) माफ कर दिया गया है।

इससे भारत की डिफेंस कंपनियों को सामान बनाना सस्ता पड़ेगा। साथ ही, अब फाइटर जेट्स की मरम्मत (MRO) भी देश में ही कम खर्च में हो सकेगी। रक्षा मंत्री ने साफ किया कि बजट का एक बड़ा हिस्सा घरेलू कंपनियों को ही मिलेगा, जिससे देश में रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।

पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी राहत: स्वास्थ्य बजट 45% बढ़ा

सेना के वर्तमान जवानों के साथ-साथ सरकार ने रिटायर हो चुके वीरों का भी पूरा ख्याल रखा है। पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना (ECHS) के लिए इस साल ₹12,100 करोड़ दिए गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, यह बजट सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के बीच एक बेहतरीन संतुलन है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कामयाबी ने जो भरोसा दिलाया था, यह बजट उस भरोसे को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला है।