नए साल के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश में त्वरित न्याय की एक मिसाल देखने को मिली। लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में स्थित अंजना का घर उनके पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की यादों से जुड़ा हुआ है। सेना में सेवाएँ देने के बाद 1994 में उनके पिता का निधन हो गया था। मानसिक रूप से कमजोर अंजना लंबे समय से इलाज के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर में रह रही थीं। इसी हालात का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने जाली वसीयत और कागजात तैयार किए और उनके घर पर कब्जा कर लिया था।
अंजना की ओर से लखनऊ के गाजीपुर थाने में दर्ज FIR के मुताबिक आरोपितों ने ताला तोड़कर कब्जा किया था और घर का कीमती सामान भी वे लूट ले गए थे। इसके अलावा कुछ जगह पर उन्होंने तोड़फोड़ भी की थी।
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बदली तस्वीर
जब स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद राहत नहीं मिली, तो 31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि चंदौली निवासी बलवंत यादव व मनोज कुमार यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है और उन्होंने मकान में अपने नाम का बोर्ड भी लगा लिया है।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही लखनऊ की गाजीपुर पुलिस सक्रिय हुई और महज 24 घंटे के भीतर अवैध कब्जाधारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। नए साल के पहले दिन ही अंजना को उनका घर वापस सौंप दिया गया।
घर वापस पाकर भावुक हुई अंजना
जब पुलिस की मौजूदगी में अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। हर कमरे में जाकर उन्होंने अपने अतीत को महसूस किया, पूजा की और पड़ोसियों से गले लगकर रो पड़ीं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए बार-बार धन्यवाद कहा।
Land mafia had grabbed home of late Major Bipin Bhatt in UP’s Chandauli.
— Abhijit Majumder (@abhijitmajumder) January 1, 2026
The family approached CM Yogi Adityanath.
Within 24 hours, police reclaimed the house from Balwant Yadav, handed it over to Major Bhatt’s Anjana.
She suffers from schizophrenia.
She was in tears getting… pic.twitter.com/nv3zQFpggI
मामले में लापरवाही बरतने पर एक चौकी इंचार्ज को निलंबित भी किया गया है।

