उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में विवादित मकबरा स्थल पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूजा करने पहुँची महिलाओं और पुलिस के बीच टकराव हो गया। महिलाओं का आरोप है कि वे केवल धार्मिक भावना से पूजा करने गई थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोका और दुर्व्यवहार किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिलाएँ पप्पू सिंह चौहान की पत्नी के नेतृत्व में कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूजा सामग्री लेकर शांतिपूर्वक पूजा करने जा रही थीं। लेकिन विवादित स्थल पर पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
फतेहपुर मंदिर मकबरा कांड पर बड़ी खबर ?
— Vivek mishra 007 (@007vivekmishra) November 5, 2025
मंदिर मकबरा का मामला फिर से गर्माया
विवादित स्थल में पहुंचकर आधा सैकड़ा महिलाओं ने किया पूजन अर्चन
पुलिस ने महिलाओं को बैरिकेडिंग लगाकर रोका
पुलिस और महिलाओं में हुई तीखी झड़प
महिला पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी का आरोप
पुलिस से झड़प का… pic.twitter.com/lDpXIn18sq
इससे नाराज होकर महिलाओं ने मौके पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वे किसी तरह का हंगामा नहीं कर रही थीं, बल्कि सिर्फ भगवान की पूजा करना चाहती थीं। पुलिस के रवैये से आहत होकर उन्होंने वहीं दूरी से ही पूजा और आरती की, फिर शांतिपूर्वक लौट गईं।
इस मामले में पुलिस ने कुल 21 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। FIR में पप्पू सिंह चौहान की पत्नी को भी नामजद किया गया है। महिलाओं का कहना है कि जब विवाद कोर्ट में है, तो वे केवल श्रद्धा से पूजा करने आई थीं, किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बेवजह अपराधी बनाने की कोशिश की।
बता दें कि मठ-मंदिर सरंक्षण संघर्ष समिति इसे प्राचीन ठाकुर द्वारा बताकर यहाँ पूजा व सफाई की अनुमति की माँग कर रही है, वहीं मुतव्वली अबू हरेरा इसे मकबरा मंगी बता रहे हैं।

