उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार (11 फरवरी 2026) को पेश किए गए योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट में किसानों को केंद्र में रखकर कई बड़ी घोषणाएँ की गई हैं। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9.12 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादन को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
यूपी सरकार का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन हैं और यूपी में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। बजट में गन्ना, गेहूँ, धान और मोटे अनाज उत्पादक किसानों के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिससे प्रदेश के करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बजट पेश करते समय प्रदेश के वित्त मंत्री ने बताया कि गेहूँ और आलू के उत्पादन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित किए जाएँगे।
गन्ना किसानों को सबसे बड़ी सौगात
वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में अब तक 3.04 लाख करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से करीब 90 हजार करोड़ रुपए अधिक है।
पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपए प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि समय पर और पारदर्शी भुगतान से गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई है।
फसल खरीद और एग्री एक्सपोर्ट से किसानों को नई ताकत
बजट में रबी और खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों की खरीद को भी खास महत्व दिया गया है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद कर किसानों को 2512 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 9710 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। इसके अलावा 54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 595 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
मंत्री ने बताया कि किसानों को नलकूपों से सिंचाई के लिए अप्रैल 2023 से फ्री बिजली दी जा रही है। ऋण वितरण को लेकर उन्होंने कहा कि 2025-2026 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के तहत दिसम्बर 2025 तक 10,257 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया जबकि दीर्घकालिक ऋण वितरण के तहत 205 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। वहीं, योगी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017-2018 से 2024-2025 तक लगभग 62 लाख कृषकों को 5,110 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।
मंत्री ने बताया कि कृषि योजनाओं के लिए करीब 10,888 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 20% अधिक है। वर्ष 2026-2027 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन एवं 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है। साथ ही सरकार ने एक्वा कल्चर इन्फ्रा के तहत हैंचरी और ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के लिए 155 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है।
डीजल पंप सेट को सोलर पंप में बदलने के लिए 637 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। राज्य के सभी जिलों में चल रही नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग योजना 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चल रही है जिसके लिए 298 करोड़ रुपए की व्यवस्था है। लखनऊ में 76.41 करोड़ की लागत से किसान एग्री मॉल का निर्माण किया जा रहा है।
सरकार ने उत्तर प्रदेश को एग्री एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना की भी घोषणा की है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुँच मिलेगी। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों को लाभ पहुँचाने का दावा किया गया है।
योगी सरकार का यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

