प्रताड़ित हिंदू: अपनी कहानी हमें बताएँ

हिंदू विरोधी साजिश
क्या आप खौफ में हैं? किससे है डर? राष्ट्र और हिंदू विरोधी साजिशों को कीजिए बेनकाब

OpIndia की पत्रकारिता की आवाज बनिए। राष्ट्र और हिंदू विरोधी साजिशों को बेनकाब कीजिए…

  • ऐसे मामले जहाँ आपको हिंदू पहचान के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है
  • ऐसे मामले जहाँ आपकी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन हो रहा है। पर्व-त्योहार मनाने से रोका जा रहा/बाधा डाली जा रही
  • आपके आस-पास के मंदिर या उसकी संपत्ति को निशाना बनाया जा रहा
  • गलत नीयत से कोई अपना मजहब या पहचान छिपा कर जान-पहचान/आस-पड़ोस/इलाके में किसी लड़की/महिला के साथ संपर्क करता हो, प्यार का नाटक करता हो
  • जबरन धर्म परिवर्तन आपके पड़ोस/इलाके में हो रहा हो
  • मजहब की आड़ में हिंदू/राष्ट्र विरोधी गतिविधि हो रही हो

… हम आपके साथ हैं। हमसे संपर्क करें। विस्तार से ब्यौरा दें।

आरोपित और पीड़ित दोनों पक्ष का संपर्क (मोबाइल नंबर) दें। आरोपों से जुड़े दस्तावेज/वीडियो, जो भी उपलब्ध हों, मुहैया कराएँ। स्थानीय पुलिस-प्रशासन का नंबर हो तो वो भी बताएँ।

hinduphobia@opindia.com – कृपया इस मेल पर सारी जानकारी भेजें।

Note: आपका फोन नंबर, फोटो, वीडियो या सोशल मीडिया… कुछ भी आपसे पूछे बिना पब्लिश नहीं किया जाएगा। सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

एडिटर-इन-चीफ की राय

“अगर हिंदू समाज ‘सबके लिए फ्री’ के रास्ते पर अब एक कदम भी आगे बढ़ता है, तो इस देश में धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के दिन उंगलियों पर गिन लीजिए। हिंदुओं को एकजुट होने दीजिए, उनको खुद को बचाने दीजिए। साथ ही उन्हें बचाने दीजिए उनकी लोकतांत्रिक राजनीति, उनका धर्मनिरपेक्ष राज्य और सभ्यता के एक नए चक्र के लिए उनको बचाने दीजिए उनके सनातन धर्म को… न सिर्फ खुद के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी।” – सीता राम गोयल ने कभी यह कहा था।

सीता राम गोयल, हमारे समय के सबसे कम प्रशंसित लेकिन दूरदर्शी लोगों में से एक! उन्होंने यह बात तब कही थी, जब हम सबने इस्लामी वर्चस्ववाद और इस्लामी कट्टरवाद के खतरों को समझना शुरू भी नहीं किया था: अगर हमारा हिंदू समाज ‘सबके लिए फ्री’ की अनुमति देता है, तो इस देश में धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के दिन उंगलियों पर गिन लीजिए।

और यही सत्य है, अन्य किसी भी चीज से ज्यादा। आज धर्मनिरपेक्षता शब्द हिंदुओं को हाँकने की एक छड़ी बन गई है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत में यदि निष्पक्षता, संस्कृति, मानवता और सहानुभूति जैसे बुनियादी इंसानी सिद्धांत आज भी मौजूद हैं, तो वो इसलिए क्योंकि हिंदू यहाँ बहुसंख्यक हैं। जिस दिन इसका उल्टा होगा… उस दिन के बारे में सोच कर भी खौफ होता है… भारत का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

हम जानते हैं कि मुस्लिम बहुल देश में क्या होता है। पाकिस्तान को देखिए। वहाँ देखिए, जहाँ मुसलमान काफिरों को सबक सिखाने के लिए एकजुट होते हैं। दिल्ली दंगे याद हैं? याद कीजिए कि कैसे अल्लाहु अकबर की गलाफाड़ आवाज के बीच अंकित शर्मा की हत्या की गई थी? ताहिर हुसैन का कथन याद है… जब उसने कहा कि वह काफिरों को सबक सिखाना चाहता था? रिंकू शर्मा याद हैं? और दिलबाग नेगी? याद कर रहे हैं तो सराय काले खाँ के हिंदुओं को भी याद कीजिए? हौज काजी की उस मुस्लिम भीड़ को याद कीजिए, जिसने मंदिर को धवस्त किया था, मूर्तियों पर पेशाब कर दिया था? उन अनगिनत लड़कियों को भी याद कर लीजिए, जो ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) का शिकार हो गईं? निकिता तोमर याद हैं? और हाँ, मुंगेर के हिंदुओं के साथ क्या हुआ, वो याद है?

ये सिर्फ कुछ नाम हैं। ऐसे अनगिनत हिंदू हैं, जिन्हें रोज प्रताड़ित किया जाता है, जिनके साथ हर दिन रेप होता है, हत्या कर दी जाती है, जिन्हें हमेशा तड़पाया जाता है, खौफ में रखा जाता है।

क्या यह समस्या भयंकर है? नहीं! भयंकर जो है, वो इससे भी खौफनाक है। हिंदुओं का धार्मिक उत्पीड़न, जो एक योजना के तहत होता है… तब दुनिया नजर फेर सो रही होती है। मीडिया कहीं दूर तमाशा देख-दिखा रहा होता है। जिन-जिन को हिंदुओं के लिए लड़ने का काम सौंपा गया था, वो सभी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कभी सत्ता तो कभी पैसे की बाँसुरी बजाते दिखते हैं।

हिंदुओं की प्रताड़ना कभी ‘कोई सांप्रदायिक मामला नहीं’ बन कर रह जाती है, तो मीडिया कभी ऐसे अपराधों के पीछे ‘राजनीतिक संदर्भ’ खोजने निकल जाता है। ऐसे अधिकतर खबरों में तो आरोपितों के नाम तक नहीं लिखे जाते हैं, क्योंकि नाम से मुस्लिम अपराधियों की पहचान उजागर हो जाती है।

आप चुप हैं मतलब अन्याय पनपेगा। आपने आँखें बंद कर ली हैं, मतलब अन्याय बढ़ेगा। प्रयास छोटा ही सही, लेकिन OpIndia ऐसे हर अन्याय पर आवाज उठाता रहेगा। जब-जब किसी हिंदू को उसके हिंदू होने के कारण मारा जाएगा, प्रताड़ित किया जाएगा, दुनिया को हर ऐसी खबर OpIndia अपनी रिपोर्ट के जरिए बताता रहेगा।

आप अपने विश्वास की रक्षा करते हैं, अपनी संस्कृति के लिए लड़ते हैं, धर्म को बचाए रखने के लिए आप विरोध करते हैं! लेकिन जब आपके पास ऐसा कुछ बचा नहीं होता, तो आप शांति के नाम पर अपनी गरिमा का सौदा करते हैं। OpIndia को अपनी लड़ाई का साथी बनाएँ। अपनी प्रताड़ना को OpIndia आपकी आवाज बन कर दुनिया तक पहुँचाएगी।

नुपूर जे शर्मा