इन दिनों समुदाय विशेष द्वारा हिंदू मंदिरों को तोड़ने या फिर मंदिरों में तोड़-फोड़ करने की कई घटनाएँ सामने आ रही है। अभी पिछले ही दिनों दिल्ली के चाँदनी चौक स्थित दुर्गा माता के मंदिर में मुस्लिमों ने तोड़-फोड़ की थी और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे भी लगाए थे। ऐसे ही हिंदू मंदिरों को तोड़ने की घटना लंदन में भी देखने को मिली।
यहाँ पर भी हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया। खबर के मुताबिक, वेस्ट मिडलैंड के वालसाल में 19 जून 2019 को श्री राम मंदिर के बाहर एक शख्स द्वारा चार मूर्तियों को बुरी तरह से तोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ब्लैक हुडी पहने एक शख्स हाथ में क्रिकेट बैट या फिर हॉकी स्टिक लेकर आता है और उन मूर्तियों पर भयानक तरीके से प्रहार करता है, फिर साइड में कार में बैठे अपने एक साथी से जाकर कुछ बातें करता है और फिर वापस आकर मूर्तियों पर काफी बुरी तरीके से हिट करता है, जिससे मूर्तियाँ क्षत-विक्षत हो जाती है।
पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वो फिलहाल मामले की जाँच कर रहे हैं और जानकारियाँ इकट्ठा करने का प्रयास कर रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस को वलसाल के प्लेक इलाके में फोर्ड स्ट्रीट पर एक सामुदायिक हॉल और मंदिर के बाहर मूर्तियों को आपराधिक क्षति पहुँचाने की दो रिपोर्ट मिली हैं। उन्होंने बताया कि पहली घटना 10 जून 2019 को सुबह के 10 बजे से पहले हुई। इस दौरान मूर्तियों को तोड़ा गया। वहीं, दूसरी घटना 19 जून को रात के 11 बजे के बाद हुई। इस घटना में भी मूर्तियों को क्षति पहुँचाई गई। उसे क्षति पहुँचाई गई। हालाँकि पुलिस की जाँच में अभी तक किसी की पहचान उजागर नहीं हुई है।
फोर्ड स्ट्रीट स्थित पूजा स्थल के एक सदस्य जगू पटेल ने कहा कि ये 3 महीने में घटी तीसरी घटना है, जब मंदिरों पर हमला किया गया। इस घटना से वहाँ के लोग काफी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि कुछ लोगों द्वारा उनलोगो को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि लोग इस तरह की घटना को क्यों अंजाम देते हैं। इससे उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। ये सिर्फ उनके संवेदनहीनता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि, कुछ समय पहले, लंदन के हैरो स्थित मंदिर श्री कच्छ सत्संग स्वामीनारायण मंदिर को तोड़ा गया और फिर विल्सडन लेन, ब्रेंट स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर से तीन बहुमूल्य मूर्तियाँ और नकदी की चोरी की गई। इस घटना को हिंदू पर्व दिवाली के दो दिन बाद ही अंजाम दिया गया था। दो दिन पहले हिंदू समुदाय ने इस मंदिर में दिवाली और नए साल की शुरुआत का जश्न मनाया था।
जानकारी के मुताबिक, पिछली जनगणना के समय यूके में 817,000 हिंदू, 157 मंदिर और 7 हिंदू स्कूल थे, लेकिन दिवाली के बाद दो मंदिरों को तोड़ दिया गया। ब्रेंट काउंसिल के समुदाय और कल्याण जाँच समिति के अध्यक्ष केतन सेठ ने इस घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि चोरों को शायद एहसास तक नहीं था कि वे क्या ले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि चोरी की गई गोल्ड प्लेटेड पीतल की मूर्तियाँ पैसे से मूल्यवान नहीं थी, अपितु वो तो आध्यात्मिक रुप से, धार्मिक आस्था की दृष्टि से बहुमूल्य हैं। हिंदू समुदाय को अभी भी उम्मीद मूर्तियों के वापस आने की उम्मीद है।