अलगाववादी नेता मसरत आलम भट्ट को मंगलवार को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। जाँच एजेंसी एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में अलगाववादी नेताओं आसिया आंद्राबी, शब्बीर शाह और मसरत आलम भट्ट से पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने मंगलवार (जून 04, 2019) को मसरत आलम के साथ शब्बीर शाह और आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी को स्वीकृति दे दी है।
एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में तीनों से पूछताछ जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने पत्थरबाजी के मामले में तीनों की गिरफ्तारी की इजाजत दे दी। एनआईए ने तीनों की 15 दिन की कस्टडी की माँग की है।
जाँच एजेंसी एनआईए कोर्ट ने मंगलवार (जून 04, 2019) को मसरत आलम के साथ शब्बीर शाह और आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी को स्वीकृति दे दी है। एनआईए ने कोर्ट के सामने कहा था कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी के मामलों में तीनों से पूछताछ जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने पत्थरबाजी के मामले में तीनों की गिरफ्तारी की इजाजत दे दी। एनआईए ने तीनों की 15 दिन की कस्टडी की माँग की है।
अभी एनआईए की कस्टडी की माँग को लेकर कोर्ट में जिरह चल रही है। इससे पहले कोर्ट की इजाजत के बाद एनआईए की टीम ने कोर्ट रूम में ही पत्थरबाजी की घटनाओं में उनकी भूमिका को लेकर तीनों से अलग-अलग पूछताछ की है।
NIA gets 10-day custody of separatist Shabbir Shah, Asiya Andrabi, Masarat Alam Bhat. pic.twitter.com/7kSgNAy9gU
— ANI (@ANI) June 4, 2019
जाँच एजेंसी तीनों आरोपितों से पत्थरबाजी की फंडिंग और उसके पूरे सिस्टम के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है। मसरत आलम के खिलाफ कई गंभीर मामले चल रहे हैं। साल 2008 और 2010 में घाटी में सुरक्षा बलों के खिलाफ पथराव की सिलसिलेवार घटनाओं की अगुवाई मसरत आलम ने ही की थी।
इनके खिलाफ हिज्ब, दुख्तरान-ए-मिल्लत और लश्कर जैसे पेशेवरों के संगठनों के आतंकवादियों के साथ संबंध रखने का आरोप था। कोर्ट के आदेश के बाद अब तीनों से इस मामले में पूछताछ की जा सकेगी। टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की टीम ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक, शब्बीर शाह, मीरवाइज उमर फारूक, अशरफ खान, मशर्रत आलम, जफर अकबर भट और नसीम गिलानी के घरों और दफ्तरों पर छापे मारे।