Monday, April 12, 2021

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ताजमहल

महाशिवरात्रि पर ‘तेजो महालय’ के गुम्बद के पास जाकर किया शिव स्तोत्र का पाठ, महिला हिन्दू नेता समेत 3 हिरासत में

कुछ हिन्दू कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (मार्च 11, 2021) को महाशिवरात्रि के मौके पर ताजमहल के मुख्य गुंबद के पास पहुँच कर पूजा-पाठ किया।

ताजमहल में लहराया भगवा, फिर से | Ajeet Bharti explains saffron flags inside Taj Mahal

‘CISF में अधिकतर हिंदू… इसलिए ताजमहल में लहराने दिया भगवा’: आगरा की घटना पर पागल हुए इस्लामी कट्टरपंथी

‘CISF में अधिकतर हिंदू… इसलिए ताजमहल में लहराने दिया भगवा’: आगरा की घटना पर पागल हुए इस्लामी कट्टरपंथी

ताजमहल में कुछ लोगों ने भगवा झंडे लेकर वीडियो बना लिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरवादियों का मानसिक संतुलन ही हिल सा गया लगता है।

ताजमहल में फहराया भगवा झंडा, गंगा जल छिड़क कर किया शिव चालीसा का पाठ

ताजमहल परिसर में दाखिल होते ही उन्होंने वहाँ पर गंगा जल का छिड़काव किया और भगवा झंडा फहराया। शिव चालीसा का पाठ भी किया गया।

जिसे आज ताजमहल कहते हैं, वो शिव मंदिर ‘तेजो महालय’ है: शंकराचार्य ने CM योगी से की ‘दूषित प्रचार’ रोकने की अपील

ओडिशा के पुरी स्थित गोवर्धन मठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने ताजमहल को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ये प्राचीन काल में भगवान शिव का मंदिर था और इसका नाम 'तेजो महालय' था।

अहमदाबाद पहुँचे ट्रंप, 36 घंटे इंडिया में रहेंगे: मोदी ने गले लगाकर किया स्वागत

ट्रंप की आगवानी के लिए अहमदाबाद पूरी तरह तैयार है। मोटेरा स्टेडियम में लोगों की एंट्री होने लगी है। इसके अलावा ट्रंप आगरा और दिल्ली की भी यात्रा करेंगे। इस दौरान पॉंच बड़े समझौतों की उम्मीद है।

दिल्ली का ‘कूड़े का पहाड़’: अगले साल ताजमहल से भी हो जाएगा ऊँचा

गाजीपुर का लैंडफिल साइट साल 1984 में शुरू किया गया था। इसकी क्षमता 2002 में ही पूरी हो गई थी। लेकिन, अभी भी शहर का मलबा सैकड़ों ट्रकों के जरिए यहाँ डाला जा रहा है। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि हर दिन लगभग 2 टन कचरा डाला जाता है।

ताजमहल में लगा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

नारे लगाने के बाद युवक वहाँ से फरार हो गए लेकिन किसी ने इस पूरे वाकये का वीडियो बना लिया जो कि सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है।

वो मुग़ल बादशाह, जो बेटे की याद में रोते-रोते मरा… जबकि बेटा था ‘इस्लाम का दूत’

1666 में वो आज की ही तारीख़ थी, जब आगरा के किले में नज़रबंद एक बूढ़े मुग़ल बादशाह ने आख़िरी साँस ली थी। मौत के वक़्त उसके सारे कुकर्म लौट कर वापस उसके ही पास आए और इतिहास ने अपने-आप को फिर से दोहराया।

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