Friday, February 3, 2023
29 कुल लेख

Devesh Khandelwal

Devesh Khandelwal is an alumnus of Indian Institute of Mass Communication. He has worked with various think-tanks such as Dr. Syama Prasad Mookerjee Research Foundation, Research & Development Foundation for Integral Humanism and Jammu-Kashmir Study Centre.

कॉन्ग्रेस के लिए प्रचार करता था भिंडरांवाले, कैंपों में फारूक अब्दुल्ला ने लगाए थे खालिस्तानी नारे: जगजीत चौहान से लेकर ‘ब्लू स्टार’ तक की...

पाकिस्तान 1971 में भारत से मिली हार का बदला खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन को उभार कर लेना चाहता था। वो बांग्लादेश की तरह खालिस्तान बनाना चाहता था।

सावरकर के सहयोगी कॉन्ग्रेसी अध्यक्ष से लेकर मुस्लिम नेता तक… भगत सिंह के साथी और फिल्म डायरेक्टर भी: इतिहास जो भुला दिया गया

1900 के बाद, ऐसा कोई क्रांतिकारी या नेता नहीं था जो सावरकर के संपर्क में आकर, उनसे प्रभावित न हुआ। बाद में सावरकर को बदनाम करने के लिए...

’18 साल का वैवाहिक जीवन, 14 बच्चे, 15वें प्रसव के दौरान 37 की उम्र में मुमताज की मौत’: जानिए कब और कैसे बना ताजमहल

देश में ताजमहल (Taj Mahal) के बंद दरवाजों को खोलने को लेकर जारी सियासत और उस पर कोर्ट के फैसले के बीच ताजमहल को लेकर इतिहास क्या कहता है।

संस्कृत को राज एवं राष्ट्र भाषा बनाने को तैयार थी संविधान सभा, फिर किसने अटकाई पेंच: हिंदी को बढ़ावा देने से गरमाई राजनीति के...

अमित शाह के हिंदी में कामकाज को बढ़ावा देने सम्बन्धी बयान पर राजनीति गरमा गई है। हमेशा की तरह, इस बार भी विरोध दक्षिण के राज्यों की तरफ से हुआ है।

गीता फाड़ने से लेकर ‘Pak के लिए सब कुछ कुर्बान’ करने तक, AMU में हिन्दू घृणा पुरानी: अंग्रेजों के आशीर्वाद से स्थापना, जिन्ना की...

ब्रिटिश सरकार आश्वासन के बाद 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) स्थापित हुआ और इसी के साथ मुस्लिमों के लिए एक अलग देश की माँग जोर पकड़ती चली गई।

महात्मा गाँधी की अंतिम इच्छा: सरदार पटेल ने बहुत चाहा, नेहरू के कारण पूरी नहीं कर पाए

नेहरू ने सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के सामने सरदार पटेल को बेइज्जत किया। पटेल ने इसे 17 अक्टूबर 1950 को राजगोपालाचारी के साथ साझा किया।

नेहरू ने नेताजी पर द्वीप का नाम रखने का प्रस्ताव ठुकरा दिया, संसद में कॉन्ग्रेस ने बोस को बताया था ‘आतंकी’: PM मोदी दे...

आज़ादी के आबाद अंडमान द्वीप का नाम परिवर्तित कर उसे सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर ‘सुभाष-द्वीप’ रखने के सुझाव को नेहरू ने अनदेखा कर दिया।

बांग्लादेश में बंगाली राष्ट्रवाद से इस्लामी कट्टरपंथ की यात्रा: 22% से घटकर मात्र 9.5% रह गए हिन्दू, उन पर भी संकट

यह दुर्भाग्य ही था कि बांग्लादेश के वास्तुकार ‘बंगबन्धु’ शेख मुजीबुर्रहमान को बंगाली राष्ट्रवाद को सफल होते देखने का मौका नहीं मिला।

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