विषय: लेफ्ट

जेएनयू छात्र विरोध प्रदर्शन

जेएनयू: जहाँ 10 रूपए महीने पर कमरा उपलब्ध है, ‘अंकल-आंटियों’ को चट्टानों पर रात में भी जाना होता है

गरीबों के बच्चों की बात करने वाले ये भी बताएँ कि वहाँ दो बार MA, फिर एम फिल, फिर PhD के नाम पर बेकार के शोध करने वालों ने क्या दूसरे बच्चों का रास्ता नहीं रोक रखा है? हॉस्टल को ससुराल समझने वाले बताएँ कि JNU CD कांड के बाद भी एक-दूसरे के हॉस्टल में लड़के-लड़कियों को क्यों जाना है?
संजुक्ता बसु

मुझे केवल मस्जिद चाहिए, पूजा स्थल ध्वस्त करने वाले हिन्दुओं को जमीन देकर पुरस्कृत किया: वामपंथन संजुक्ता बसु

संजुक्ता ने लिखा है कि आज भारतीय मुसलमान राजनीतिक तौर पर अनाथ हो गए हैं। एक भी ऐसा नेता नहीं है, जिसने अयोध्या फ़ैसले पर अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात की हो। किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि कोई सरकार से पूछ सके कि पाँच एकड़ ज़मीन कब और कहाँ मिलेगी?
सोनिया गाँधी, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल: विलुप्त वाम दलों के भरोसे कॉन्ग्रेस की डूबती नैया, सोनिया गॉंधी ने साझा अभियान के दिए निर्देश

अब्दुल मन्नान ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को दो बार सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की थी। मन्नान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। मन्नान ने मीडिया को बताया कि सोनिया ने राज्य में कॉन्ग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के लिए हामी भर दी है।
लेफ्ट बनाम राइट

JNU में भिड़े लेफ्ट-ABVP, केन्द्रीय मंत्री के भाषण को लेकर कटा बवाल

जब वामपंथी संगठन AISA के छात्रों ने जितेन्द्र सिंह के भाषण के बीच में टोकाटाकी और नारेबाजी की, तो जवाब में ABVP वालों ने भी “कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माँ एक हमारी” का नारा लगाना शुरू कर दिया।
बंगाल में हिंसा

वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने मचाया उत्पात, ममता बनर्जी की पुलिस को मारे पत्थर

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। कई लोग जख्मी हो गए। पूरा इलाका घंटो तक हिंसक माहौल की चपेट में रहा। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।
राजनीतिक अवसरवादिता

जिस हत्याकाण्ड का आज शोक मना रहीं ममता, उसी के ज़िम्मेदार को भेजा राज्य सभा!

हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।
पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में Nothing is Left of ‘Left’: एक को छोड़कर सबकी जमानत जब्त

हैरान करने वाली बात ये है इन चुनावों में पश्चिम बंगाल में माकपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम की भी जमानत जब्त हुई। सलीम 34 साल सत्ता में रहे हैं। सलीम को सिर्फ़ 14.25 वोट मिले हैं।
लेफ्ट vs राइट

आख़िर क्या कारण है कि ‘लेफ़्ट’ इतना बलवान और ‘राइट’ इतना कमज़ोर?

लेफ़्ट इसलिए बलवान नहीं है कि उसके पास पैसा है। लेफ़्ट इसलिए भी बलवान नहीं है कि उसके पीछे विदेशी ताकते हैं। बल्कि लेफ़्ट इसलिए बलवान है क्योंकि उनमें एकता है

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