Monday, March 1, 2021

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Dinesh Lal Yadav Nirahua

कोलकाता की झुग्गियों से भोजपुरी के फलक तक, असाधारण है मृदुभाषी निरहुआ का सफर और व्यक्तित्व

कोलकाता की गलियों में बड़े हो रहे निरहुआ के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे। उनका बचपन कोलकाता की झुग्गियों में बीता लेकिन आज वो भोजपुरी सिनेमा के फलक का ध्रुवतारा हैं। अब निरहुआ ने भोजपुरी सिनेमा को अश्लीलता से मुक्त करने का संकल्प लिया है।

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