Saturday, July 31, 2021

विषय

Sanatan Parampara

पृथ्वी की गति, आकार, समय, संख्या, अंतरिक्ष… इस्लाम-ईसाई धर्म के उदय से पहले फल-फूल चुकी थी सनातन ज्ञान परंपरा

सनातन ज्ञान परंपरा को समझेंगे तो पाएँगे कि खगोल से लेकर धातु विज्ञान, गणित, चिकित्सा और अन्य कई क्षेत्रों में भारतीयों का योगदान...

गीता प्रेस को आर्थिक समस्या, बंद होने के कगार पर? जर्मन मशीनों को देख गोरखपुर सांसद ने बताई वर्तमान स्थिति

गीता प्रेस गोरखपुर की वेबसाइट में दी गई जानकारी के अनुसार प्रेस के द्वारा मार्च 2019 तक लगभग 68 करोड़ 28 लाख पुस्तकों का प्रकाशन...

आदि शंकराचार्य और ‘शंकर दिग्विजय यात्रा’: 4 दिशा-4 मठ, एक भारत-सशक्त भारत का संकल्प

हिन्दू धर्म से विखंडित हुए पंथ, सनातन धर्म को ही चुनौती देने लगे थे। ऐसे में आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया था।

हिंदू धर्म-अध्यात्म की खोज में स्विट्जरलैंड से भारत पैदल: 18 देश, 6000 km… नंगे पाँव, जहाँ थके वहीं सोए

बेन बाबा का कोई ठिकाना नहीं। जहाँ भी थक जाते हैं, वहीं अपना डेरा जमा लेते हैं। जंगल, फुटपाथ और निर्जन स्थानों पर भी रात बिता चुके।

महाशिवरात्रि: शून्यता के उस शिखर को छू लेने की परमरात्रि जहाँ से उद्घाटित होता है शिव तत्व

आधुनिक विज्ञान ने भी साबित कर दिया है कि सब कुछ शून्य से ही उपजा है और शून्य में ही विलीन हो जाता है। इसी संदर्भ में...

जिससे बच्चे दीवाली की खुशियाँ मनाना न भूलें: 2021 की दीवाली को अद्भुत बनाने के लिए ऑपइंडिया का रोडमैप

हम नहीं चाहते कि त्योहार मनाते समय हिन्दुओं के मन में भय हो। हमारी पूरी कोशिश होगी कि 2021 की दीवाली सबसे अद्भुत और दिव्य हो।

रिलायंस समूह ने कामाख्या मंदिर को भेंट किया 20 किलो सोना, दिवाली तक मुख्य गुम्बद पर चढ़ेगी सोने की परत

दिवाली से पहले रिलायंस कंपनी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कामाख्या देवी मंदिर के गुंबद को सजाने के लिए 20 किलो सोना उपहार स्वरुप दिया है।

BHU आयुर्वेद में ‘गर्भ संस्कार थेरेपी’ से पैदा होंगे ‘अभिमन्यु’: भजन-मंत्र-वेद-पाठ के जरिए होगी महिलाओं की डिलीवरी

गर्भ संस्कार थेरेपी के तहत गर्भवती महिला को अच्छा संगीत, बेहतर साहित्य और प्रेरणादायक चीज़ें दिखाने पर जोर दिया जाएगा। गर्भ पर पड़ने वाले इन चीज़ों के प्रभाव को वैज्ञानिक विधि से देखा और समझा जाएगा।

सनातन परंपरा: दलित श्रद्धालु को कंधे पर बिठा ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी रंगनाथ स्वामी मंदिर ले गए पुजारी

शोभा यात्रा के दौरान भद्राचलम नरसिंह स्वामी मंदिर के अर्चक (पुजारी) कृष्ण चैतन्य ने श्रद्धेय तिरुप्पनलवार के चित्रण के रूप में वैष्णव नमम को धारण करने वाले रवि को उठा लिया और उन्हें मंदिर तक ले गए।

#महाशिवरात्रि का रहस्य: मंदिर या शिवाला में नहीं बल्कि यहाँ और ऐसे मिलेंगे भोलेनाथ

महाशिवरात्रि आपको अपने बोध से परिचय कराने की रात्रि है। योग परम्परा के अनुसार बात की जाए तो ख़ुद को अस्तित्व से जोड़ लेने की रात। यह एक ऐसी रात है, जब प्रकृति स्वयं मनुष्य को उसके आध्यात्मिक शिखर तक जाने में मदद करती है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,105FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe