Friday, June 14, 2024
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हिंदू पत्नी की सलाह पर डॉ. साजिद ने की घरवापसी: निकाह के बजाय सनातनी शादी करने पर मुस्लिम परिवार-समाज मारता था ताना

सहारनपुर के डॉक्टर साजिद ने ने सनातन धर्म अपना लिया है और वो अब सतबीर सिंह राणा बन गए हैं। उन्होंने रमजान से पहले इस्लाम को त्यागा और मंदिर में जाकर पूजा पाठ कर विधि-विधान से सनातनी बने।

सहारनपुर के डॉक्टर साजिद ने रमजान से पहले इस्लाम को त्याग दिया और सनातन धर्म अपना लिया। वो अब सतबीर सिंह राणा बन गए हैं। साजिद सहारनपुर के नकुड़ कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने चार साल पहले अनीता नाम की हिंदू महिला से शादी की थी। उनकी पत्नी ने ही उन्हें सनातन अपनाने की सलाह दी। हालाँकि साजिद ने कहा कि वो बचपन से ही सनातन को पसंद करते हैं, लेकिन पारिवारिक लगाव व अन्य जिम्मेदारियों के चलते वो कभी हिम्मत नहीं कर पाए। हालाँकि अब वो साजिद से सतबीर सिंह राणा बनकर खुश हैं।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के आवास विकास स्थित हरि मंदिर में सोमवार (11 मार्च 2024) को साजिद अपनी पत्ती और बच्चे के साथ सनातन परंपरा को अपना लिया। उन्होंने परिवार के साथ हवन-यज्ञ भी किया। इसके बाद उन्हें सतवीर सिंह राणा नाम दिया गया।

डॉ. साजिद अहमद (36) पेशे से बीयूएमएस डॉक्टर हैं। वह नकुड़ के धलापड़ा गाँव के रहने वाले साजिद कस्बे में ही प्रैक्टिस करते हैं। साजिद ने बताया कि उसने अलीगढ़ की रहने वाली अनीता राणा से प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोग उसे बोलने लगे कि वह हिंदू बन गया है। उसे परिवार ने भी अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद उनकी पत्नी अनीता ने समझाया कि जब लोग ही नहीं चाहते कि आप इस्लाम में रहो, तो क्यों न सनातन परंपरा को अपना लिया जाए?

दरअसल, अनीता से शादी के दौरान दोनों ने अपने-अपने धर्मों के निर्वहन की बात कही थी। हालाँकि ये शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। इसकी वजह से परिवार साजिद को पसंद नहीं करता था। दोनों एक ही घर में रह कर दो अलग-अलग धर्मों को मानते थे। इनके बीच आपस में कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन साजिद अपने समाज में अलग-थलग कर दिए गए। साजिद ने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म से जुड़ी चीजें पसंद हैं, इसीलिए उन्होंने कभी अनीता को इस्लाम अपनाने की सलाह नहीं दी। अनीता पहले से शादीशुदा थी और दो बच्चों की माँ भी। हिसार में काम करने के दौरान उनका साजिद से संपर्क हुआ, फिर दोनों ने शादी कर ली थी।

बजरंग दल के पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने सनातन परंपरा को अपनाया। इस दौरान सतबीर सिंह राणा ने जय श्री राम के नारे भी लगाए। सतबीर सिंह राणा ने कहा कि उनके पूर्वज भी कभी हिंदू ही हुआ करते थे, किन्हीं कारणों से वो लोग इस्लाम में चले गए। हालाँकि अब वो सनातन धर्म में आकर बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि वो लंबे समय से सनातनी बनने के बारे में सोच रहे थे। अपनी पत्नी की सलाह के मुताबिक उन्होंने हिंदूवादी संगठनों से संपर्क किया। उन्होंने पहले हिंदू धर्म को समझने की सलाह दी। मैंने 6 माह तक चीजों को समझा और फिर अपनी मर्जी से सनातन को स्वीकार किया।

साजिद की पत्नी अनीता ने कहा, “हम जहाँ भी जाते थे, हिंदू-मुस्लिम वाली बात आती थी। मैं चार साल से पति के साथ हूँ लेकिन मुझे इस्लाम धर्म का कुछ नहीं आता, अब मैं अपने हिंदू धर्म में लौटकर खुश हूँ।” साजिद से सतवीर राणा बने सतवीर का कहना है कि अब उसने अपनी घर वापसी कर ली है। यह मुस्लिम समाज के लोगों को अच्छा नहीं लगेगा, इसलिए उसे और उसके परिवार को जान का भी खतरा हो सकता है। उसने बताया कि वह पुलिस को भी अपनी जान की सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र देंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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